
राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों गायब? अखिलेश के आरोप से मचा बवाल, ट्रस्ट की सफाई!
Ayodhya Ram Mandir Donation Dispute: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप लगाया है। जानिए चंपत राय और मंदिर ट्रस्ट ने इस पर क्या सफाई दी।
Ayodhya Ram Mandir Donation Dispute: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप लगाया है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस नए राजनीतिक विवाद को हवा दी है। अखिलेश यादव ने मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने का गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत से इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की मांग की है।
अखिलेश यादव की इस पोस्ट के बाद अयोध्या के संतों से लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं तक ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
अखिलेश यादव ने क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने इस कथित गड़बड़ी पर गहरी चिंता जताते हुए न्यायपालिका से हस्तक्षेप करने और मामले की स्वतंत्र जांच कराने की अपील की। सपा प्रवक्ता सुनील साजन ने भी इस सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर पहले भी कई विसंगतियां सामने आई हैं, और जब विपक्ष सवाल उठाता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों का पलटवार
अखिलेश यादव के इन आरोपों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं:
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चंपत राय (महासचिव) की सफाई: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस मामले पर स्थिति साफ करते हुए कहा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) होता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के प्रतिनिधि भी शामिल रहते हैं। यह ऑडिट कई दिनों तक चलता है और वर्तमान में भी यही रूटीन ऑडिट किया जा रहा है। अभी तक जांच में कोई भी संदिग्ध या उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है।”
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महंत दिनेंद्र दास का बयान: ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें भगवान राम और ट्रस्ट की पारदर्शिता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, “यदि किसी ने कोई गलत काम किया भी होगा, तो भगवान राम उसे स्वयं दंड देंगे।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर किसी के मन में कोई शंका है, तो सरकार या प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की जांच कराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
सुभासपा ने याद दिलाया 1990 का इतिहास
इस विवाद में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) भी कूद पड़ी है। सुभासपा प्रवक्ता पीयूष मिश्र ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए अतीत की याद दिलाई। उन्होंने ‘X’ पर लिखा:
“अखिलेश यादव जी, राम मंदिर के चढ़ावे की अचानक इतनी चिंता आपको हो रही है, जबकि आप आज तक खुद राम मंदिर के दर्शन करने नहीं पहुंचे। जिनके पिता (मुलायम सिंह यादव) ने 1990 में निहत्थे रामभक्त कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं, उसी परिवार का बेटा आज मंदिर ट्रस्ट पर उंगली उठा रहा है। जिनके दिल में राम नहीं, उन्हें सिर्फ वोट की राजनीति दिखती है।”
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