मध्य प्रदेश में फिर बिगड़े हालात… गुना में दूषित पेयजल से 12 बच्चे बीमार

MP News: मध्य प्रदेश में दूषित पेयजल से फैल रही बीमारियों ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इंदौर के बाद अब गुना शहर के बूढ़े बालाजी क्षेत्र में दूषित पानी से बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। शहर के वार्ड नंबर 8 और 9 में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बच्चे उल्टी-दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में कई बच्चों में पीलिया और हेपेटाइटिस-ए संक्रमण की पुष्टि हुई है। इलाके में बीमारी फैलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।

12 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती
जानकारी के अनुसार, तीन से 12 वर्ष की उम्र के करीब 12 बच्चों को जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं चार से पांच बच्चों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

परिजनों का कहना है कि बच्चों को अचानक उल्टी-दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। कई बच्चों में कमजोरी और बुखार के लक्षण भी देखे गए हैं।

दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कई दिनों से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा था। माना जा रहा है कि पानी की पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिल जाने से संक्रमण फैला है।

स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में दूषित पेयजल को बीमारी का मुख्य कारण माना जा रहा है।

अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल टीम तैनात कर दी है। घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस-ए और पीलिया जैसी बीमारियां अक्सर दूषित पानी और खराब स्वच्छता के कारण फैलती हैं। लोगों को उबालकर पानी पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने शुरू की जांच
नगरपालिका और प्रशासन ने जल सप्लाई व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां से पानी दूषित हुआ है, उसकी पहचान कर जल्द सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल केवल साफ और उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें तथा बच्चों में किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।

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इंदौर के बाद दूसरा बड़ा मामला
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इंदौर में भी दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े थे। अब गुना में सामने आए इस मामले ने राज्य में पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी और पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होने के कारण ऐसे मामले बार-बार सामने आ रहे हैं।

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विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है—

  • हमेशा उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं
  • खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें
  • बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • उल्टी-दस्त या पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं

गुना में फैली इस बीमारी ने एक बार फिर साफ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की जरूरत को उजागर कर दिया है।

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