‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारों से गूंजा जंतर-मंतर, CJP समर्थकों का अनोखा विरोध

Cjp Protest At Jantar Mantar: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाली और चम्मच लेकर पहुंचे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका यह विरोध केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उन नीतियों और फैसलों के खिलाफ है जिनसे छात्रों और युवाओं में असंतोष पैदा हुआ है। जंतर-मंतर पर कई घंटों तक नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रहा।

थाली-चम्मच के साथ विरोध का अनोखा तरीका
प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में समर्थक अपने साथ थाली और चम्मच लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें बजाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

CJP नेताओं का कहना था कि यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन है। उनका दावा था कि जिस तरह कोरोना महामारी के दौरान लोगों से थाली और ताली बजाने की अपील की गई थी, उसी प्रतीक को अब सरकार के खिलाफ जनाक्रोश व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस बार बर्तन बजाने का उद्देश्य किसी अभियान का समर्थन नहीं, बल्कि जनता की नाराजगी को सामने लाना है।


अभिजीत दीपके ने साधा सरकार पर निशाना
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर कई सवाल उठाए।

दीपके ने कहा कि युवाओं, छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है।

‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के लगे नारे
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर परिसर “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारों से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की।

कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों से जुड़े विभिन्न विवादों और परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।

सुरक्षा के बीच जारी रहा प्रदर्शन
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए थीं।

हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर विरोध दर्ज कराने की अनुमति दी गई थी।

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सोशल मीडिया पर भी चर्चा
जंतर-मंतर पर हुए इस अनोखे प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। थाली और चम्मच बजाते प्रदर्शनकारियों के वीडियो को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस भी देखने को मिली।

कुछ लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का नया तरीका बताया, जबकि कुछ ने इसे केवल प्रतीकात्मक राजनीति करार दिया।

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राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
CJP का यह प्रदर्शन भले ही संख्या के लिहाज से बहुत बड़ा न रहा हो, लेकिन इसके प्रतीकात्मक स्वरूप और लगाए गए नारों ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छात्र और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों की सक्रियता आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है और इसके राजनीतिक संदेश को लेकर बहस जारी है।

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