राष्ट्र निर्माण के मिशन में जुटें युवा सिविल सेवक, पीएम मोदी का आह्वान…

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2024 बैच के 183 अधिकारी प्रशिक्षुओं से संवाद करते हुए उन्हें विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय स्थित ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित इस विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों को लोकसेवा की मूल भावना, ईमानदारी, संवेदनशीलता और नवाचार के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज विकास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और आने वाले दो दशकों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के समर्पित योगदान से ही संभव होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों को याद दिलाया कि उनके निर्णय और कार्यशैली करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करेंगे।

राष्ट्र निर्माण के नए दौर में प्रवेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो वर्षों के प्रशासनिक प्रशिक्षण और फील्ड अनुभव के बाद अधिकारी अब अपने करियर के उस महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुके हैं, जहां उन्हें केवल सरकारी कर्मचारी के रूप में नहीं, बल्कि परिवर्तन के वाहक के रूप में कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसा भारत बनाना है जो सामाजिक न्याय, सुशासन, तकनीकी नवाचार और नागरिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी दुनिया के लिए उदाहरण बने।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी भूमिका को सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में न देखें, बल्कि इसे राष्ट्र सेवा के अवसर के रूप में स्वीकार करें।

ईमानदारी और संवेदनशीलता सबसे बड़ी पूंजी
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने लोकसेवा के मूल मूल्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत उसकी ईमानदारी, निष्पक्षता और जनता के प्रति संवेदनशीलता होती है।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन की सबसे बड़ी सफलता है। यदि कोई अधिकारी अपने क्षेत्र के गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को समझकर समाधान निकालता है, तो वही सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है।

नवाचार और तकनीक अपनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने युवा अधिकारियों से प्रशासन में नई तकनीकों और नवाचारों का अधिकतम उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित प्रशासन और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्र आने वाले समय में शासन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे परंपरागत कार्यशैली के साथ-साथ नए प्रयोगों को भी अपनाएं और समस्याओं के समाधान के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का नागरिक पहले की तुलना में अधिक जागरूक और अपेक्षाकृत अधिक मांग रखने वाला है। ऐसे में प्रशासन को भी अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनना होगा।

नागरिक-केंद्रित शासन पर जोर
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को आसान बनाना होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनता के साथ संवाद बनाए रखें, उनकी समस्याओं को सुनें और समाधान के लिए सक्रिय पहल करें। इससे शासन व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा।

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विकसित भारत 2047 का विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 भारत की स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष होगा और तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरे देश का साझा संकल्प है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा सिविल सेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने कहा कि आज जो युवा अधिकारी प्रशासनिक सेवा में प्रवेश कर रहे हैं, वही आने वाले वर्षों में देश की नीतियों और विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने का नेतृत्व करेंगे। इसलिए उन्हें अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और दूरदृष्टि के साथ निभाना चाहिए।

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प्रेरणादायी संवाद का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि नई पीढ़ी के प्रशासनिक अधिकारी विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस संवाद ने युवा अधिकारियों को न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बोध कराया, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से भी जोड़ने का काम किया। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि आने वाला भारत केवल नीतियों से नहीं, बल्कि समर्पित और संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व से निर्मित होगा।

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