
Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, 8 लोग पुलिस हिरासत में, SIT ने सौंपी रिपोर्ट
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है। SIT की जांच के बाद रामजन्मभूमि कोतवाली में ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है।
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे और चंदे में हेराफेरी (Ram Mandir Donation Case) के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच दल (SIT) की सिफारिश के आधार पर अयोध्या के रामजन्मभूमि कोतवाली में इस मामले को लेकर FIR दर्ज कर ली गई है। मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इस मामले में संलिप्त 8 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
यह पूरी कार्रवाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई है।
SIT की 6 दिनों की गहन जांच के बाद एक्शन
राम मंदिर चंदे और चढ़ावे में हुई इस चोरी की गंभीरता को देखते हुए, मंदिर ट्रस्ट की मांग पर सरकार ने 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की टीम ने अयोध्या में लगातार 6 दिनों तक डेरा डाला और मामले की तह तक जाने के लिए मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों और कर्मचारियों से बेहद बारीकी से पूछताछ की।
SIT ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे में नामजद आरोपियों को अपनी कस्टडी में ले लिया है। जिन लोगों के पास से चंदे की रकम बरामद हुई है, उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
हिरासत में लिए गए 8 आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस हेराफेरी और चोरी के मामले में जिन 8 लोगों को हिरासत में लिया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
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अनुकल्प मिश्र
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अविनाश शुक्ला
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करुणेश पांडेय
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लवकुश मिश्र
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रमा शंकर मिश्र
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सुभाष श्रीवास्तव
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मनीष यादव
बढ़ सकता है गिरफ्तारियों का दायरा
सूत्रों और जांच एजेंसियों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि इस घोटाले के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और क्या मंदिर परिसर या ट्रस्ट के कुछ और लोग भी इसमें शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।
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इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने दान की गणना (Donation counting) और प्रबंधन को लेकर कई कड़े फैसले लिए हैं, जिसमें सीसीटीवी (CCTV) की निगरानी बढ़ाने से लेकर पूरे दान प्रबंधन सिस्टम में भारी बदलाव करना शामिल है ताकि भविष्य में ऐसी कोई चूक न हो सके।
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