Delhi SIR: घर-घर पहुंच रहे BLO, 2002 की वोटर लिस्ट से मिलान में आ रही दिक्कत

Delhi News: राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। अभियान के तीसरे दिन भी यह प्रक्रिया तेज गति से जारी रही। इस दौरान बीएलओ ने बड़ी संख्या में मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए, लेकिन सत्यापन के दौरान कई तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

गुरुवार रात 8 बजे तक कुल 21 लाख 2 हजार 79 एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए जा चुके थे, जो दिल्ली के कुल मतदाताओं का करीब 14.49 प्रतिशत है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि पात्र मतदाताओं का सही विवरण दर्ज हो सके।

2002 की मतदाता सूची से मिलान में आ रही दिक्कत
SIR अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती वर्ष 2002 की मतदाता सूची से रिकॉर्ड का मिलान करने में सामने आ रही है। कई ऐसे लोग हैं जो वर्ष 2002 में मतदाता बनने के लिए पात्र हो चुके थे, लेकिन उन्होंने उस समय अपना वोटर कार्ड नहीं बनवाया था। ऐसे मतदाताओं का नाम पुरानी सूची में नहीं मिलने से सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में रिकॉर्ड की पुष्टि करने में अतिरिक्त समय लग रहा है। इससे बीएलओ को भी घर-घर जाकर जानकारी जुटाने और दस्तावेजों का मिलान करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

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नाम की मैपिंग भी बनी चुनौती
अभियान के दौरान कई मामलों में मतदाताओं के नाम का उनके माता-पिता के नाम से मिलान करने में भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान दस्तावेजों में नामों की वर्तनी या अन्य विवरणों में अंतर होने के कारण डिजिटल मैपिंग आसान नहीं हो पा रही है। ऐसे मामलों में बीएलओ को अतिरिक्त सत्यापन करना पड़ रहा है।

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मतदाताओं से सहयोग की अपील
चुनाव अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं और बीएलओ के साथ पूरा सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि सही और अद्यतन जानकारी मिलने से मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा।

SIR अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और मतदाता विवरण का सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो और भविष्य के चुनावों में किसी भी योग्य मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

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