भारत-कनाडा विवाद के बीच नया खुलासा, निज्जर केस में जांच ने बदली कहानी…

Nijjar Case: खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच पैदा हुआ कूटनीतिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कनाडा की पुलिस ने कहा है कि अब तक की जांच में भारत सरकार के अधिकारियों की संलिप्तता के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इस मामले में अमेरिका में कुछ भारतीय मूल के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

कनाडाई पुलिस की यह टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के उस रुख से अलग मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने भारत पर हत्या में संभावित भूमिका होने का आरोप लगाया था।

2023 की हत्या ने बढ़ा दिया था भारत-कनाडा विवाद
जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सर्रे शहर स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने निज्जर को वर्ष 2020 में आतंकवादी घोषित किया था और उस पर प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख होने का आरोप लगाया था।

हत्या के कुछ महीनों बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में दावा किया था कि भारतीय एजेंसियों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। इस बयान के बाद दोनों देशों के संबंधों में अभूतपूर्व तनाव पैदा हो गया था।

भारत ने शुरू से किया था आरोपों का खंडन
भारत सरकार ने ट्रूडो के आरोपों को शुरू से ही बेबुनियाद और बिना साक्ष्यों वाला बताया था। नई दिल्ली ने कहा था कि कनाडा ने सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए, लेकिन उनके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण साझा नहीं किया। भारत ने यह भी आरोप लगाया था कि कनाडा अपने यहां सक्रिय भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।

जांच में सामने आया नया दावा
अब कनाडा की पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान भारत सरकार के अधिकारियों की प्रत्यक्ष संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि हत्या की जांच अभी जारी है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष आना अभी बाकी है।

कूटनीतिक रिश्तों पर पड़ा था गहरा असर
निज्जर हत्याकांड को लेकर लगे आरोपों के बाद भारत और कनाडा ने एक-दूसरे के कई राजनयिकों को निष्कासित किया था। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा सहयोग और उच्चस्तरीय वार्ताओं पर भी इसका असर पड़ा। यह विवाद हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों के सबसे गंभीर कूटनीतिक संकटों में गिना जाता है।

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अमेरिका में भी जारी है कानूनी कार्रवाई
इसी मामले से जुड़े कुछ भारतीय मूल के आरोपियों के खिलाफ अमेरिका में भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अमेरिकी एजेंसियां हत्या की कथित साजिश और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं। इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय अदालतों द्वारा लिया जाएगा।

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आगे की जांच पर टिकी नजर
कनाडा पुलिस के ताजा बयान के बाद इस पूरे मामले पर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल दोनों देशों की नजर इस मामले की आगे की जांच और उससे निकलने वाले निष्कर्षों पर बनी हुई है।

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