CJP Protest: अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ी, घटा 7 किलो से अधिक वजन

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत खराब हो गई है।

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे देश के जाने-माने शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर का वजन 7 किलोग्राम से ज्यादा कम हो चुका है।

यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले पिछले 19 दिनों से जंतर मंतर पर चलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग देश में हाल ही में हुई परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और सरकार की जवाबदेही तय करना है।

क्या है सोनम वांगचुक की स्थिति?

बुधवार सुबह डॉक्टरों द्वारा जारी किए गए स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक सोनम वांगचुक का वजन घटकर अब 59.40 किलोग्राम रह गया है। अनशन शुरू होने के बाद से अब तक उनके वजन में 7 किलो से अधिक की गिरावट आ चुकी है। पानी का स्तर (Hydration) ठीक है और वह मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क व सक्रिय हैं।

केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आरोप है कि देश में बार-बार हो रही परीक्षा अनियमितताओं और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इसी के विरोध में सोनम वांगचुक इस आंदोलन का नेतृत्व करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

इसी आंदोलन के बीच मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से सीजेपी को एक बड़ी राहत मिली थी। कोर्ट ने पार्टी के मूल ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल पर लगी रोक को हटाने का फैसला सुनाया, जिसे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन की एक बड़ी कानूनी जीत बताया है।

अन्य छात्र संगठनों का भी समर्थन जारी

सोनम वांगचुक के अलावा जंतर मंतर पर विरोध की आवाज और बुलंद हो रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से जुड़े छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य भी प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं। आइसा के कार्यकर्ता नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक कुमार वर्मा और आमीन ने भी सरकार के खिलाफ एक अलग मंच बनाकर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को जारी रखा है।

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