क्या बदलने वाले हैं भारत-चीन रिश्ते? शी जिनपिंग के संभावित दौरे ने बढ़ाई हलचल…

India-China Relations: पश्चिम एशिया (मिडिल-ईस्ट) में बढ़ते तनाव और बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और चीन के रिश्तों में नई कूटनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है। खबर है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं। यदि यह दौरा होता है तो कोविड-19 महामारी और 2020 के गलवान सीमा संघर्ष के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।

भारत 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका समेत BRICS के नए सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी सम्मेलन में भाग लेने की चर्चा है। क्रेमलिन पहले ही संकेत दे चुका है कि पुतिन की भारत यात्रा की तैयारियां चल रही हैं।

क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा?
भारत और चीन के संबंध पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद और गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद तनावपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन विश्वास बहाली की प्रक्रिया अभी भी जारी है।

ऐसे में यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं तो इसे दोनों देशों के रिश्तों में संवाद बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा सीमा विवाद, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत का अवसर भी बन सकती है।

मिडिल-ईस्ट संकट के बीच बढ़ा BRICS का महत्व
ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। ऐसे समय में BRICS देशों की बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद, बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक दक्षिण (Global South) के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

भारत इस सम्मेलन के जरिए विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।

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क्या होगी मोदी-जिनपिंग मुलाकात?
यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बीच द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है। ऐसी बैठक में सीमा पर शांति बनाए रखने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने, व्यापार असंतुलन कम करने और दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव मानी जा रही है।

हालांकि, अभी तक चीन की ओर से शी जिनपिंग की भारत यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम कार्यक्रम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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दुनिया की नजर BRICS सम्मेलन पर
नई दिल्ली में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन इस बार सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, भू-राजनीति और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन जैसे नेताओं की संभावित मौजूदगी इस सम्मेलन को और अधिक चर्चा का केंद्र बना सकती है।

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