
UP Election से पहले मायावती का मास्टर प्लान, आकाश आनंद की जिम्मेदारी भी तय…
BSP in UP Elections: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में टिकट वितरण और उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार उनके पास ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यूपी समेत देशभर में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों का फैसला वह स्वयं करती हैं।
मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राजनीतिक गलियारों में आकाश आनंद की बढ़ती सक्रियता और चुनावी भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कुछ रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि यूपी चुनाव में उम्मीदवारों के चयन में आकाश आनंद की बड़ी भूमिका होगी। बसपा प्रमुख ने इन सभी बातों को गलत बताते हुए कहा कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
उम्मीदवारों के चयन पर मायावती का बड़ा बयान
मायावती ने कहा कि पार्टी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह उनके नेतृत्व में चल रही है। उन्होंने बताया कि यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में प्रदेश स्तर की कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई हैं।
इन बैठकों में प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। पार्टी संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संभावित उम्मीदवारों की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बसपा प्रमुख ने जानकारी दी कि अब तक कई विधानसभा सीटों के संभावित प्रत्याशियों के इंटरव्यू लिए जा चुके हैं। करीब दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने साफ किया कि हर सीट पर प्रत्याशी का अंतिम निर्णय उनकी सहमति के बाद ही होगा।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव अब बहुत नज़दीक आ रहा है, जिसकी तैयारी हेतु मेरे खुद के द्वारा प्रदेश की पिछली कई राज्य स्तरीय बड़ी बैठकें लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्यालय में ली गई हैं और आगे भी ज़रूरत के अनुसार ली जायेंगी, जिसमें पार्टी के उम्मीद्वार…
— Mayawati (@Mayawati) July 31, 2026
आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
मायावती ने आकाश आनंद की जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद पार्टी संगठन और चुनावी गतिविधियों को लेकर काम कर रहे हैं। वह कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, संगठन विस्तार और चुनावी जनसभाओं की तैयारियों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में हर पदाधिकारी और नेता की भूमिका तय है। किसी भी नेता की जिम्मेदारी को लेकर भ्रम फैलाना सही नहीं है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से दूर रहें और पार्टी को मजबूत करने में जुटे रहें।
बसपा की नजर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव पर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। बसपा इस बार अपने संगठन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। पार्टी की रणनीति अपने परंपरागत वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ नए सामाजिक समीकरण बनाने की है।
मायावती लगातार प्रदेश संगठन की समीक्षा कर रही हैं और नेताओं को चुनावी तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दे रही हैं। पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर है।
यह भी पढ़ें…
UP Election में तीसरे मोर्चे की दस्तक! चंद्रशेखर आजाद ने उतारे 45 उम्मीदवार…
आकाश आनंद को लेकर पहले भी हुई थी चर्चा
आकाश आनंद पिछले कुछ समय से बसपा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मायावती ने उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है और कई चुनावी कार्यक्रमों में उन्हें आगे किया गया है। इसके बाद राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हुई थी कि यूपी चुनाव में उनकी भूमिका और बढ़ सकती है।
हालांकि, मायावती के ताजा बयान से यह साफ हो गया है कि पार्टी के टिकट वितरण और उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार अभी भी उनके पास ही रहेगा।
यह भी पढ़ें…
अब गांवों में भी चलेगा बिल्डिंग बायलॉज! बिना नक्शा पास निर्माण पर लगेगी रोक…
BSP की चुनावी रणनीति पर सबकी नजर
मायावती के इस बयान को यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा जल्द ही अपने उम्मीदवारों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकती है। पार्टी इस बार चुनावी मैदान में मजबूत प्रत्याशियों के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।
फिलहाल मायावती ने आकाश आनंद की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए यह संदेश दिया है कि बसपा में फैसलों की कमान उनके हाथों में ही है और चुनावी रणनीति उनके नेतृत्व में ही तय होगी।
यह भी पढ़ें…





