
UP Vidhan Sabha में ऐतिहासिक शुरुआत! पहली बार हुआ ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन…
UP VS Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन विधानसभा में पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन किया गया, जो इस सत्र की सबसे खास शुरुआत रही। वहीं, सदन के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया।
पहली बार हुआ ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन
मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान के बाद विधानसभा में पहली बार ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन के साथ हुई। इसे ऐतिहासिक क्षण माना गया। सरकार ने इसे राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक गौरव से जोड़कर देखा, जबकि विपक्ष ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की।
सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष का प्रदर्शन
सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा परिसर के बाहर सपा और कांग्रेस के विधायकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ता एक दानपेटी में चिल्लर भरकर विधानसभा पहुंचे। उनका कहना था कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
आलमबदी को श्रद्धांजलि, कार्यवाही स्थगित
सत्र के पहले दिन विधानसभा में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ और देश के सबसे उम्रदराज विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, विधान परिषद की कार्यवाही सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रही।
चार दिन चलेगा मानसून सत्र
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 6 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है।
सरकार पिछले सत्र के बाद से नौ अध्यादेश जारी कर चुकी है। अब इन अध्यादेशों को कानून का रूप देने के लिए उनके प्रतिस्थानी विधेयक सदन में लाए जाने की संभावना है। इसके अलावा कुछ नए विधेयक भी इस सत्र में पेश किए जा सकते हैं।
विधान परिषद में केशव मौर्य का विपक्ष पर हमला
विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “रामलला की जन्मभूमि पर 500 साल बाद मंदिर का निर्माण हुआ है और इसे हजारों साल तक लोग देखेंगे। सपा ने 1990 में रामभक्तों पर गोली चलवाई थी। ये लोग बाबर से रिश्तेदारी जोड़ते थे।”
उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली।
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अखिलेश यादव का संदेश- ‘आरंभ ही प्रचंड है’
मानसून सत्र शुरू होने से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आरंभ ही प्रचंड है।” इसे सत्र के दौरान सरकार को आक्रामक तरीके से घेरने की विपक्ष की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उप्र की विधानसभा: आरंभ ही प्रचंड है! pic.twitter.com/SoWjOf57Hc
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 3, 2026
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इन मुद्दों पर रह सकती है नजर
आगामी दिनों में मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, किसानों के मुद्दे, बाढ़ की स्थिति, राम मंदिर से जुड़े विवाद, नीट पेपर लीक, सरकारी योजनाओं और वित्तीय मामलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। ऐसे में चार दिवसीय यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
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