‘अमृत पीढ़ी’ को PM मोदी का आह्वान, विकसित भारत के लिए नशा छोड़ने का लिया संकल्प…

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नशा-मुक्त बनाने और युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें भारत की ‘अमृत पीढ़ी’ बताया और कहा कि आने वाले वर्षों में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी इसी पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, नवाचार, प्रतिभा और संकल्प ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य तक पहुंचाएंगे।

‘नशा-मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और नशे जैसी आत्म-विनाशकारी आदतों से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।

100 सप्ताह तक चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
प्रधानमंत्री ने अभियान की 100 सप्ताह की कार्ययोजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगले 100 सप्ताह तक हर रविवार देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में—

  • कला और संस्कृति से जुड़े आयोजन
  • खेल प्रतियोगिताएं
  • योग और ध्यान सत्र
  • जागरूकता अभियान
  • युवा संवाद और प्रेरक गतिविधियां

आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इस अभियान से जोड़ा जा सके।

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युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि यदि युवा स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त रहेंगे तो भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।

उन्होंने युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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जनभागीदारी पर रहेगा जोर
सरकार का उद्देश्य इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप देना है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, खेल संस्थानों और स्थानीय समुदायों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अभियान में युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होती है तो यह नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ और जिम्मेदार युवा पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में युवाओं से आह्वान किया कि वे ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को केवल एक अभियान न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय योगदान दें।

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