Iran का ‘ऑयल कार्ड’ कितना खतरनाक? एक फैसले से हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था…

Middle East Tension: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि ईरान की संभावित जवाबी रणनीति ने अमेरिका को तत्काल बड़े सैन्य हमले से फिलहाल पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर बड़े हमले की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब हालात कुछ बदलते नजर आ रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब ने हाल ही में इराक में ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की थी। इसके बाद आशंका थी कि अमेरिका सीधे ईरान को निशाना बना सकता है। हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ है, जिससे कूटनीतिक और रणनीतिक कारणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

एक्सियोस की रिपोर्ट में बड़ा दावा
वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार, संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले अमेरिकी नेतृत्व और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत के बाद क्षेत्रीय हालात और संभावित जोखिमों का आकलन किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में किसी भी बड़े सैन्य संघर्ष का असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

क्या है ईरान का कथित ‘खतरनाक प्लान’?
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यदि ईरान पर सीधा हमला होता है, तो उसने जवाबी कार्रवाई के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार कर रखी है।

इन रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की संभावित योजना में खाड़ी देशों के प्रमुख तेल कुओं और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शामिल हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य तेल उत्पादक देशों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, इस कथित योजना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईरान ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी रणनीति को स्वीकार किया है।

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दुनिया पर पड़ सकता है बड़ा असर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र के तेल उत्पादन या निर्यात पर बड़ा असर पड़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।

ऐसी स्थिति में दुनिया को एक बार फिर ऊर्जा संकट, महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। भारत सहित तेल आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जाती है।

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फिलहाल टला बड़ा टकराव
अभी तक अमेरिका की ओर से ईरान पर किसी नए बड़े सैन्य हमले की घोषणा नहीं की गई है। इसे कई विश्लेषक क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोगी देशों की चिंता और संभावित आर्थिक प्रभावों से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि मध्य पूर्व की स्थिति लगातार बदल रही है और किसी भी नए घटनाक्रम से हालात तेजी से बदल सकते हैं। ऐसे में अमेरिका, ईरान और खाड़ी देशों की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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