Janta darshanसे बदली 91 बच्चों की जिंदगी, सरकारी मदद से फिर शुरू हुई पढ़ाई…

CM Yogi Janta darshan: जनता दर्शन में दर्ज होने वाली शिकायतें अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि कई जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव का माध्यम बन रही हैं। देवरिया जिले में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर और शिक्षा से वंचित बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जुलाई माह में 77 पात्र बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) में आवेदन कराया गया, जबकि 14 बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में प्रवेश दिलाकर उनकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराई गई।

DM के निर्देश पर शुरू हुआ विशेष अभियान
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के सामने ऐसे कई मामले आए, जिनमें बच्चों की पढ़ाई आर्थिक तंगी या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित हो रही थी। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी और महिला कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाए।

निर्देश मिलते ही विभाग ने जिले के विभिन्न विकासखंडों में अभियान चलाकर जरूरतमंद परिवारों से संपर्क किया और पात्र बच्चों की सूची तैयार कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से मिलेगा आर्थिक संबल
महिला कल्याण विभाग ने जुलाई के दौरान 77 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के दायरे में लाने की प्रक्रिया पूरी की। इस योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को शिक्षा, भरण-पोषण और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो।

14 बेटियों को मिला नया शैक्षणिक अवसर
शिक्षा से वंचित बालिकाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने 14 छात्राओं का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दाखिला कराया। इन विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा के साथ आवास, भोजन, पुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे कमजोर वर्ग की बालिकाओं को सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

जनता दर्शन में पहुंची बालिका की बदली किस्मत
इस अभियान का सबसे प्रेरक उदाहरण बरहज विकासखंड के ग्राम मोहर की एक बालिका है। 20 जुलाई को वह जनता दर्शन में अपनी शिक्षा और भरण-पोषण के लिए सहायता मांगने पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

महिला कल्याण विभाग ने बालिका का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) में आवेदन कराने के साथ-साथ उसकी उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए महिला डिग्री कॉलेज, देवरिया में प्रवेश भी सुनिश्चित कराया। प्रशासन की त्वरित पहल से उसकी पढ़ाई रुकने से बच गई और उसे आगे बढ़ने का नया अवसर मिला।

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हर पात्र बच्चे तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि जनता दर्शन में आने वाले ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। महिला कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उनके आसपास कोई बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से दूर है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उसे समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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सरकारी योजनाओं से बदल रही जरूरतमंद बच्चों की तस्वीर
देवरिया में की गई यह पहल दिखाती है कि यदि शिकायतों पर समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से कार्रवाई की जाए तो सरकारी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकती हैं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रशासन न केवल बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उनके बेहतर भविष्य और शिक्षा का मजबूत आधार भी तैयार कर रहा है।

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