UP Vidhan Sabha में सियासी संग्राम… तय समय से पहले समाप्त हुआ मानसून सत्र

UP Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को तय समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मूल कार्यक्रम के अनुसार सदन की कार्यवाही 6 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन अंतिम दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के लगातार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यवाही समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही इस बार का मानसून सत्र निर्धारित अवधि से पहले ही समाप्त हो गया।

सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस और टकराव देखने को मिला। अंतिम दिन भी समाजवादी पार्टी के विधायक विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से सदन की मर्यादा बनाए रखने और चर्चा में भाग लेने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। अंततः उन्होंने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का फैसला सुनाया।

CM योगी बोले- विपक्ष ने चर्चा से बचने की कोशिश की
सदन स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने पूरे सत्र के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल हंगामा करना था ताकि सरकार की विकास योजनाओं और जनकल्याण से जुड़े फैसलों पर चर्चा न हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सवाल पूछने और चर्चा करने की होती है, लेकिन लगातार व्यवधान पैदा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों के हित प्रभावित होते हैं।

59 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अनुपूरक बजट को पारित करा लिया। मुख्यमंत्री के अनुसार यह बजट प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

स्पीकर ने जताई चिंता
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने लगातार हो रहे हंगामे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करने की अपील की। हालांकि, लगातार व्यवधान के कारण कार्यवाही को समय से पहले समाप्त करना पड़ा।

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सत्र में कई अहम मुद्दों पर रही चर्चा
मानसून सत्र के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय प्रस्ताव सदन में रखे। वहीं विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास किया। हालांकि, लगातार हंगामे के चलते कई विषयों पर विस्तृत चर्चा संभव नहीं हो सकी।

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राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार
सत्र के समय से पहले समाप्त होने के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। सत्ता पक्ष विपक्ष को सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सरकार जनता से जुड़े सवालों का जवाब देने से बच रही थी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा का यह घटनाक्रम आने वाले समय में भी राजनीतिक बहस का विषय बना रहेगा। विशेष रूप से विकास, लोकतांत्रिक परंपराओं और विपक्ष की भूमिका को लेकर दोनों पक्षों के बीच टकराव आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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