‘अगर रामायण को ऑस्कर नहीं मिला…’: फडणवीस ने अकादमी ज्यूरी पर जताई उम्मीद

‘Ramayana’: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि यह फिल्म ऑस्कर पुरस्कार नहीं जीत पाती है, तो उन्हें अकादमी की ज्यूरी से निराशा होगी। फडणवीस ने फिल्म की भव्यता, तकनीकी गुणवत्ता और सांस्कृतिक महत्व की सराहना करते हुए इसे केवल एक दशक की नहीं, बल्कि पूरे एक हजार साल (मिलेनियम) की फिल्म बताया।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी प्राइम फोकस स्टूडियो के उद्घाटन समारोह के दौरान की, जहां फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा और फिल्म उद्योग से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद थे।

‘रामायण’ की जमकर की तारीफ
अपने संबोधन में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “रामायण सिर्फ एक डिकेड (10 साल) की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम (1000 साल) की फिल्म है। अगर इसे ऑस्कर नहीं मिला, तो मुझे अकादमी की ज्यूरी से निराशा होगी।”

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और पौराणिक विरासत पर आधारित यह फिल्म वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखती है।

मेकर्स को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर भारतीय महाकाव्य को पर्दे पर उतारना आसान काम नहीं है।

उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने ‘रामायण’ के निर्माण में अपना योगदान दिया है। अब हम सभी इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही प्राइम फोकस के फेज-2 के उद्घाटन का भी इंतजार रहेगा।”

भारतीय VFX इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
फडणवीस ने अपने संबोधन में भारत की विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और एनीमेशन इंडस्ट्री की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राइम फोकस जैसे स्टूडियो भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनके अनुसार, अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकती हैं।

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‘रामायण’ को लेकर बढ़ी उम्मीदें
फिल्म ‘रामायण’ की घोषणा के बाद से ही दर्शकों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। बड़े बजट, आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और भारतीय महाकाव्य की कहानी पर आधारित होने के कारण इसे हाल के वर्षों की सबसे चर्चित फिल्मों में गिना जा रहा है।

फिल्म के निर्माण से जुड़े लोग दावा कर चुके हैं कि इसे वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, ताकि भारतीय संस्कृति और रामायण की कथा दुनिया के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

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ऑस्कर पर बयान बना चर्चा का विषय
सीएम फडणवीस का यह बयान सोशल मीडिया और फिल्म जगत में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे भारतीय सिनेमा के प्रति उनके विश्वास के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि किसी फिल्म के ऑस्कर जीतने का फैसला पूरी तरह अकादमी के स्वतंत्र मतदान और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

फिलहाल फिल्म की रिलीज का इंतजार किया जा रहा है। रिलीज के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दर्शकों और समीक्षकों के बीच फिल्म को कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और क्या यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की दौड़ में अपनी जगह बना पाती है।

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