
Tata Sons के चेयरमैन N. चंद्रशेखरन का इस्तीफा… लिया पद छोड़ने का फैसला?
टाटा संस एक बार फिर से चर्चा में है क्योंकि टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
N Chandrasekaran Resigns: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप (Tata Group) से आज एक बहुत बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि, वे तुरंत पद नहीं छोड़ेंगे। चंद्रशेखरन अपना मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 तक पूरा करेंगे और इसके बाद वे दोबारा इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे।
AGM से ठीक पहले लिया फैसला
एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की यह घोषणा 18 अगस्त 2026 को होने वाली टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से ठीक कुछ दिन पहले आई है। इस एजीएम में शेयरधारकों के सामने उनके कार्यकाल के विस्तार पर वोटिंग होनी थी।
चंद्रशेखरन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बोर्ड में पुनर्नियुक्ति को लेकर पूर्ण सहमति न बन पाने के चलते उन्होंने आगे पद न बढ़ाने का निर्णय लिया है और बोर्ड से समय रहते नए उत्तराधिकारी (Successor) की तलाश प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है।
1987 से टाटा समूह के साथ जुड़ाव
एन. चंद्रशेखरन का टाटा ग्रुप के साथ चार दशक पुराना और बेहद सफल सफर रहा है। वे 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शामिल हुए थे। अपनी काबिलियत के दम पर वे 2009 में टीसीएस के सीईओ एवं एमडी बने।
साइरस मिस्त्री विवाद के बाद अक्टूबर 2016 में वे बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन नियुक्त किए गए। वे टाटा समूह के इतिहास में गैर-टाटा परिवार से इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे।
चंद्रशेखरन का कार्यकाल
अपने लगभग एक दशक के कार्यकाल में एन. चंद्रशेखरन ने टाटा समूह को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया:
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सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण कर उसकी टाटा समूह में ऐतिहासिक वापसी कराई।
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समूह के ई-कॉमर्स और डिजिटल वर्टिकल (Tata Neu) को मजबूती प्रदान की।
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ईवी (EV) मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के सेक्टर्स में टाटा ग्रुप की मजबूत नींव रखी।
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