Samay Raina और रणवीर अल्लाहबादिया को SC से बड़ी राहत, सभी FIR की गईं रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद मामले में समय रैना समेत 5 लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज सभी FIR को रद्द कर दिया है।

Samay Raina Supreme Court: यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट‘ (India’s Got Latent) को लेकर विवादों में घिरे लोकप्रिय स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया (Ranveer Allahbadia) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने शुक्रवार (14 अगस्त) को मामले की सुनवाई करते हुए दोनों इन्फ्लुएंसर्स और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज की गई सभी FIR को रद्द (Quash) कर दिया है।

क्या था पूरा विवाद?

यह विवाद समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड से शुरू हुआ था, जिसमें बतौर गेस्ट शामिल हुए रणवीर अल्लाहबादिया और अन्य क्रिएटर्स ने दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities) और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) बीमारी से जूझ रहे बच्चों को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं।

इन टिप्पणियों के सार्वजनिक होते ही देश भर में भारी आक्रोश फैल गया और इसे अश्लील, संवेदनशील और समाज के लिए अपमानजनक बताया गया। असम, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अश्लीलता फैलाने और दिव्यांगजनों के अधिकारों का उल्लंघन करने के आरोप में शिकायतें व एफआईआर दर्ज कराई गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी राहत?

अदालत ने पाया कि पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के तहत आरोपियों ने दिव्यांगता के प्रति जागरूकता फैलाने और संबंधित संस्थाओं को सहयोग प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता और आदेशों का पालन किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने नोट किया कि समय रैना ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया और संस्थाओं के साथ मिलकर फंड जुटाने में सहयोग दिया।

पूर्व की सुनवाई के दौरान समय रैना और अन्य क्रिएटर्स पर अदालती निर्देशों का पालन न करने के लिए 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे भरने और अनुपालन हलफनामा जमा करने के बाद अदालत ने सभी कानूनी कार्यवाहियों को समाप्त करने का आदेश सुनाया।

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‘ये बहुत होनहार युवा हैं”

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी दोहराया कि वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) का मतलब समाज की मर्यादाओं या किसी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुँचाने की खुली छूट नहीं है। हालांकि, अदालत के इस अंतिम फैसले से अब समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया और आशीष चंचलानी समेत पूरे शो की टीम को पुलिस जांच और मुकदमों के कानूनी फेर से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

बेंच ने सराहना करते हुए कहा, “जब प्रयास सच्चे हों, तो सकारात्मक परिणाम जरूर मिलते हैं। ये बहुत होनहार युवा हैं। अगर इन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू किया है, तो इसके अच्छे नतीजे भी सामने आएंगे।”

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