
IPS अफसर की मां का लूट के बाद कत्ल, 15 अगस्त को बेटे संग गांव में फहराया था तिरंगा
Lucknow: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में लखनऊ में तैनात एक IPS अधिकारी की 91 वर्षीय मां की हत्या के बाद सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान इंद्रावती के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद से गांव में पुलिस, सर्विलांस और SOG की टीमें जांच में जुटी हैं। मामले में लूट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।
इंद्रावती लखनऊ में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के पद पर तैनात अपने बेटे आशुतोष मिश्रा के साथ रहती थीं। हाल ही में वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने पैतृक गांव पहुंची थीं, जहां उन्होंने बेटे के साथ स्कूल में तिरंगा फहराया था।
15 अगस्त को बेटे के साथ फहराया था तिरंगा
जानकारी के मुताबिक, इंद्रावती 15 अगस्त को अंबेडकरनगर के रूढ़ा धमरूआ गांव स्थित गदाधर नाथ मर्यादा विद्यापीठ हाईस्कूल पहुंची थीं। यहां उन्होंने अपने बेटे आशुतोष मिश्रा के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
स्वतंत्रता दिवस पर गांव में बेटे के साथ उनकी मौजूदगी के बाद अगले ही दिन हुई हत्या की घटना ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है।
रात में नौकरानी ने आखिरी बार देखा था
पुलिस जांच में सामने आया है कि इंद्रावती को आखिरी बार उनकी नौकरानी प्यारी ने रात में जिंदा देखा था। बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े आठ बजे इंद्रावती की अपने IPS बेटे से भी फोन पर बातचीत हुई थी।
इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस नौकरानी समेत आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है।
गांव में डेरा डालकर जांच कर रही टीमें
हत्या की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस, सर्विलांस और SOG की कई टीमें गांव में डेरा डाले हुए हैं। आसपास के इलाके में चप्पे-चप्पे की छानबीन की जा रही है।
जांच टीम वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों तथा संभावित संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर में किसी तरह की लूट हुई थी या नहीं और वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
इंद्रावती के शव का देर शाम तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियों और चोटों की प्रकृति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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पति की मौत के बाद बेटे के साथ रहती थीं
इंद्रावती के पति रामकुमार मिश्रा अयोध्या के देवढ़ी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2024 में उनके निधन के बाद इंद्रावती अपने बेटे आशुतोष मिश्रा के साथ लखनऊ में रह रही थीं।
स्वतंत्रता दिवस पर वह अपने गांव आई थीं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उनकी हत्या की खबर सामने आने से परिवार और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।
फिलहाल पुलिस हत्या की वजह और आरोपियों तक पहुंचने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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