
प्रियदर्शन का चौंकाने वाला खुलासा, बोले- ‘हेरा फेरी’ के बाद भी कॉमेडी से चिढ़
Priyadarshan Hera Pheri: हिन्दी सिनेमा को ‘हेरा फेरी’, ‘हंगामा’, ‘हलचल’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में देने वाले दिग्गज निर्देशक प्रियदर्शन (Priyadarshan) ने अपने करियर और कॉमेडी जॉनर को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा किया है।
एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी पहचान सिर्फ एक कॉमेडी निर्देशक के रूप में सीमित नहीं रखना चाहते थे और ‘हेरा फेरी’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद वे कॉमेडी फिल्मों से तंग आ चुके थे।
‘हेरा फेरी’ ने जीवन को मुश्किल बना दिया
प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गंभीर और ड्रामेटिक फिल्मों से की थी, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार भी मिला।
उन्होंने कहा कि “मैंने गंभीर फिल्मों से शुरुआत की थी। ‘गर्दिश’ (1993) और ‘विरासत’ (1997) मेरे लिए बेहद सफल रहीं। इसके बाद ‘हेरा फेरी’ आई और उसने मेरी जिंदगी को मुश्किल बना दिया। उस फिल्म की सफलता के बाद मुझे सिर्फ और सिर्फ कॉमेडी फिल्में ऑफर होने लगीं कॉमेडी, कॉमेडी और सिर्फ कॉमेडी। सच कहूं तो मुझे कॉमेडी फिल्मों की शूटिंग करने से नफरत है।”
ओवर-एक्टिंग से परहेज
निर्देशक ने स्पष्ट किया कि उन्हें पारंपरिक स्लैपस्टिक कॉमेडी या जबरन हंसाने के लिए लिखे गए चुटकुलों (Gags) से परहेज है। वे ऐसी कहानियों को तरजीह देते हैं जहां परिस्थितियां गंभीर हों, लेकिन किरदार अपनी मासूमियत या लाचारी के कारण मजेदार स्थितियों में फंस जाएं। एक ही ढर्रे (Formula) पर काम करने और अपनी निर्देशक पहचान को सिर्फ हास्य फिल्मों तक सीमित रखने के विचार से वे असहज महसूस करते थे।
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दोबारा सीरियस सिनेमा की ओर रुख
कॉमेडी फिल्मों का ठप्पा हटाने के लिए प्रियदर्शन अब दोबारा अपने पसंदीदा थ्रिलर और ड्रामा जॉनर की तरफ लौट रहे हैं। वे अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ जैसी सीरियस फिल्मों पर काम कर रहे हैं, ताकि अपनी मूल मेकिंग शैली को फिर से दर्शकों के सामने ला सकें।
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