
कार में गोली मारकर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, 22 किमी दूर फेंका शव; CCTV से खुलेगा राज
UP Crime News: PGI के पास कार में मारी गई थीं दो गोलियां, किसान पथ के रास्ते 22 किमी दूर ले जाकर नहर में फेंका शव; CCTV और कॉल डिटेल से मास्टरमाइंड और शूटरों तक पहुंचने में जुटी पुलिस।
Lucknow: लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक पांच संदिग्धों को चिह्नित किया जा चुका है। पुलिस ने शव ठिकाने लगाने के आरोपी ओंकार साहू को गिरफ्तार कर मंगलवार शाम जेल भेज दिया। पूछताछ में हत्याकांड से जुड़े कई अहम सुराग सामने आए हैं।
PGI के पास कार में मारी गई थीं दो गोलियां
पुलिस पूछताछ में ओंकार साहू ने बताया कि धीरेंद्र प्रताप सिंह के अपहरण के बाद उन्हें पीजीआई के पास कार में ही दो गोलियां मारी गई थीं। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी ओंकार और ड्राइवर रवि ने संभाली।
दोनों शव को कार में लेकर किसान पथ के रास्ते दुबग्गा के सलेमपुर अमेठिया पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, पीजीआई से सलेमपुर अमेठिया तक करीब 22 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद दोनों ने शव को नहर में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
एक महीने से चल रही थी हत्या की प्लानिंग
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि धीरेंद्र की हत्या अचानक नहीं हुई थी। वारदात की योजना करीब एक महीने से बनाई जा रही थी। आरोपियों ने हत्या के लिए समय और जगह पहले से तय कर रखी थी।
अब पुलिस इस साजिश के पीछे मौजूद मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड उन्नाव में बैठकर पूरी साजिश को अंजाम दे रहा था।
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CCTV और कॉल डिटेल से खुलेगा राज
पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें शूटरों और अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। जांच टीम हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज खंगाल रही है।
इसके साथ ही संदिग्धों की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की रात कौन-कौन लोग एक-दूसरे के संपर्क में थे और किसने किसे निर्देश दिए।
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प्रॉपर्टी विवाद को माना जा रहा हत्या की वजह
पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या की पूरी वजह और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
ओंकार साहू मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बेमेतरा का रहने वाला है और पिछले कई वर्षों से लखनऊ के खरगापुर में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, फार्च्यूनर की चाबी और 1,466 रुपये बरामद किए हैं।
फिलहाल पुलिस शूटरों, कथित मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच के आधार पर पुलिस जल्द ही इस हत्याकांड की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
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