
हूतियों ने मोचा पर जमाया कब्जा? बाब-अल-मंदेब के बेहद करीब पहुंचा ईरान समर्थित गुट
Yemen: यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे की खबर से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। यमन सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह सरकारी बलों के शहर से पीछे हटने के बाद हूती लड़ाकों के मोचा में आगे बढ़ने की खबर सामने आई। मोचा बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से 50 मील से भी कम दूरी पर स्थित है।
मोचा पर नियंत्रण की खबर को हूतियों के लिए रणनीतिक रूप से बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इससे लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के आसपास उनकी सैन्य मौजूदगी और प्रभाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, हूतियों के खिलाफ लड़ रहे नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट ने मोचा में अपनी मौजूदगी बनाए रखने और शहर की सुरक्षा मजबूत करने का दावा किया है।
मोचा में हूती लड़ाकों की तस्वीरें सामने आईं
गुरुवार सुबह मोचा से यमनी सरकारी बलों के पीछे हटने की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर शहर के भीतर हूती लड़ाकों की कथित तस्वीरें और वीडियो सामने आए। यमन सरकार के अधिकारियों ने भी हूतियों के शहर में पहुंचने की पुष्टि की है।
हालांकि, मोचा पर पूरी तरह नियंत्रण को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट ने दावा किया कि उसके एक कमांडर ने सैन्य टुकड़ी के साथ गुरुवार सुबह मोचा में प्रवेश किया और एंटी-हूती गठबंधन के सहयोग से शहर की सुरक्षा को दोबारा व्यवस्थित किया जा रहा है।
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हूती नौसैनिक बलों से भी झड़प का दावा
नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट के मुताबिक, उसकी सेनाओं की हूती नौसैनिक बलों के साथ भी झड़प हुई है। इससे संकेत मिलता है कि मोचा और आसपास के तटीय इलाकों में नियंत्रण को लेकर संघर्ष जारी रह सकता है।
यमन सरकार से जुड़े सैन्य सूत्रों के अनुसार, हूती बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए मोचा और धुबाब जैसे रणनीतिक तटीय शहरों पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
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बाब-अल-मंदेब पर क्यों टिकी दुनिया की नजर?
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह यमन को अफ्रीकी देशों जिबूती और इरिट्रिया से अलग करता है।
इस समुद्री रास्ते के जरिए खाड़ी देशों से कच्चा तेल और ईंधन भूमध्य सागर की ओर पहुंचाया जाता है। इसके अलावा एशिया और यूरोप के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक बड़ा हिस्सा भी लाल सागर और बाब-अल-मंदेब मार्ग से गुजरता है।
ऐसे में मोचा पर हूतियों की पकड़ मजबूत होने की खबर ने लाल सागर की सुरक्षा और वैश्विक व्यापारिक मार्गों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि हूती मोचा में अपना नियंत्रण कायम रख पाते हैं या एंटी-हूती गठबंधन की सेनाएं इलाके में दोबारा पकड़ मजबूत करती हैं।
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