
धरती के लिए बड़ा खतरा! ग्रीनलैंड-अंटार्कटिका से गायब हुई 12.5 लाख करोड़ टन बर्फ…
Greenland-Antarctica Ice Loss: वैज्ञानिकों की स्टडी में खुलासा, गर्म समुद्री पानी और तेजी से बहते ग्लेशियर बने बर्फ के नुकसान की बड़ी वजह; समुद्र स्तर बढ़ने से लाखों लोगों पर मंडराया तटीय बाढ़ का खतरा।
Earth’s Ice Crisis: धरती के लिए जलवायु परिवर्तन का खतरा लगातार गंभीर होता जा रहा है। वैज्ञानिकों की नई स्टडी में सामने आया है कि ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की बर्फ की चादरों से 1979 से 2023 के बीच करीब 12.5 ट्रिलियन टन यानी 12.5 लाख करोड़ टन बर्फ गायब हो गई। बर्फ के इस भारी नुकसान ने वैश्विक समुद्र स्तर को भी प्रभावित किया है।
Scientific Data जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में 27 सैटेलाइट मिशनों से मिले आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। वैज्ञानिकों ने पुराने सैटेलाइट रिकॉर्ड को भी शामिल किया, जिससे करीब आधी सदी में ध्रुवीय बर्फ में हुए बदलावों की तस्वीर सामने आई है।
इतनी बर्फ कि अमेरिका पर बिछा दें तो बनेगी 5 फीट मोटी परत!
रिसर्च में सामने आया बर्फ के नुकसान का आंकड़ा इतना बड़ा है कि वैज्ञानिकों ने इसकी तुलना एक विशाल बर्फीली परत से की है। करीब 12.5 ट्रिलियन टन बर्फ को अगर अमेरिका के पूरे महाद्वीपीय हिस्से में फैलाया जाए तो इसकी परत करीब 5 फीट मोटी हो सकती है।
यानी जिस मात्रा में बर्फ धरती के दो प्रमुख बर्फीले क्षेत्रों से कम हुई है, उसका पैमाना समझना भी आसान नहीं है।
सिर्फ गर्म हवा जिम्मेदार नहीं, समुद्र का गर्म पानी बना बड़ा कारण
इस स्टडी का सबसे अहम पहलू बर्फ पिघलने की वजह है। वैज्ञानिकों के अनुसार, करीब 84 फीसदी बर्फ का नुकसान सतह पर गर्म हवा से पिघलने के बजाय गर्म समुद्री पानी के प्रभाव और ग्लेशियरों के तेजी से समुद्र की ओर बहने से हुआ।
इसके मुकाबले करीब 16 फीसदी नुकसान सतह पर बर्फ पिघलने से हुआ। इसका मतलब है कि समुद्र का बढ़ता तापमान ध्रुवीय बर्फ की चादरों को नीचे और किनारों से कमजोर करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
यह भी पढ़ें…
ट्रंप की ‘असंभव’ डिमांड से मचा हड़कंप! फेड से बोले- ब्याज दर 1% या उससे भी कम करो
समुद्र का स्तर बढ़ा, लाखों लोगों पर बढ़ा खतरा
ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका से बर्फ के नुकसान के चलते वैश्विक समुद्र स्तर में करीब 3.1 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। वैज्ञानिकों के मुताबिक, समुद्र स्तर में इस बढ़ोतरी से 60 से 90 लाख अतिरिक्त लोग तटीय बाढ़ के खतरे में आ गए हैं।
यह स्थिति खासतौर पर समुद्र के किनारे बसे शहरों और निचले तटीय क्षेत्रों के लिए चिंता का विषय है।
यह भी पढ़ें…
रूस से व्यापार करने वाले देशों पर सौ फीसद लगाएंगे टैरिफ: ट्रंप
ग्रीनलैंड ने खोई ज्यादा बर्फ
अध्ययन के मुताबिक, कुल बर्फ नुकसान में करीब 60 फीसदी हिस्सा ग्रीनलैंड और 40 फीसदी हिस्सा अंटार्कटिका का रहा। ग्रीनलैंड आकार में छोटा होने के बावजूद इस अवधि में उसने अंटार्कटिका से ज्यादा बर्फ खोई।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दोनों क्षेत्रों में बर्फ की चादरों में लगातार बदलाव वैश्विक समुद्र स्तर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं। यदि बर्फ का नुकसान इसी तरह जारी रहता है तो आने वाले समय में तटीय इलाकों पर इसका असर और बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें…




