
लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में बड़ा फैसला, एक सिपाही दोषी तो दूसरा बरी
आठ साल पुराने विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी गैर-इरादतन हत्या का दोषी; संदीप कुमार साक्ष्यों के अभाव में बरी, 21 सितंबर को सजा का ऐलान
Lucknow: लखनऊ में वर्ष 2018 में हुए चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला जज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में आरोपी रहे बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या का दोषी माना है। वहीं, दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।
8 साल पुराने मामले में आया फैसला
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद मामला पूरे देश में चर्चा में आया था। पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे थे और मामले की जांच के बाद दोनों सिपाहियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।
गुरुवार को लखनऊ की जिला जज कोर्ट में इस मामले में फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया, जबकि संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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21 सितंबर को होगा सजा का ऐलान
दोषी करार दिए गए प्रशांत चौधरी की सजा पर फैसला 21 सितंबर को सुनाया जाएगा। अब अदालत में यह तय किया जाएगा कि गैर-इरादतन हत्या के दोषी प्रशांत चौधरी को कितनी सजा दी जाती है।
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फैसले से विवेक की पत्नी नाराज
कोर्ट के फैसले पर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने फैसले को ‘घटिया’ बताते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी।
कल्पना तिवारी के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि अदालत से न्याय मिलेगा, लेकिन फैसला उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं आया। उन्होंने कहा कि अगर फांसी की सजा नहीं होती, तो कम से कम आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख करेंगी और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।
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