
मनीष सिसोदिया संग नाम जुड़ा तो भड़कीं गायत्री बिश्नोई, कांग्रेस MLA को दी धमकी
मनीष सिसोदिया संग नाम जोड़े जाने पर AAP नेता गायत्री बिश्नोई का पलटवार, कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ पुलिस शिकायत और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
Chandigarh: गायत्री बिश्नोई को लेकर पंजाब की राजनीति में विवाद तब बढ़ा, जब कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने मनीष सिसोदिया के साथ उनका नाम जोड़ते हुए सरकारी आवास को लेकर सवाल उठाए। बिश्नोई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे उनके चरित्र पर हमला बताया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
कौन हैं गायत्री बिश्नोई?
गायत्री बिश्नोई आम आदमी पार्टी की नेता हैं और मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के भलीसर गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह AAP की पंजाब सह-प्रभारी/ऑब्जर्वर की भूमिका में हैं और राजस्थान में पार्टी की महिला विंग की जिम्मेदारी भी संभालती हैं।
यह भी पढ़ें…
सड़क पर जा रही दो युवतियों से छेड़छाड़, कार की पहचान कर पुलिस ने शुरू की धरपकड़
विवाद कैसे शुरू हुआ?
25 सितंबर 2026 को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के जरिए आरोप लगाया कि मनीष सिसोदिया एक सरकारी आवास में रह रहे हैं और वहां गायत्री बिश्नोई भी उनके साथ हैं। खैहरा ने इस संबंध में तस्वीरों का हवाला देते हुए सिसोदिया की पत्नी को लेकर भी सवाल उठाए। ये खैहरा के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं हुई है।
बिश्नोई ने जवाब में कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के सरकारी आवास में रह रही हैं, क्योंकि उनके पिता का इलाज चल रहा है। उन्होंने खैहरा के आरोपों को बेबुनियाद और अपने चरित्र को बदनाम करने वाला बताया।
यह भी पढ़ें…
सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! पंजाब में DA में 8% बढ़ोतरी…
पुलिस में शिकायत, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विवाद के बाद गायत्री बिश्नोई ने खैहरा के खिलाफ पंजाब पुलिस में शिकायत भी दी। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की।
बिश्नोई ने सार्वजनिक बयान में खैहरा के खिलाफ कोर्ट जाने और उन्हें जेल भिजवाने तक की चेतावनी दी। वहीं पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए महिला के चरित्र पर सार्वजनिक टिप्पणी को गंभीर विषय बताया।
इस पूरे विवाद में सिसोदिया और बिश्नोई के संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों और बिश्नोई के खंडन को अलग-अलग रखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इन निजी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें…





