
सिर्फ रोहित-विराट ही नहीं, इन खिलाड़ियों का करियर डूबाने का अजीत अगरकर आरोप
Wasim Jaffer on Ajit Agarkar: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर वसीम जाफर (Wasim Jaffer) ने मुख्य चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) के कार्यकाल और उनके चयन फैसलों को लेकर खुलकर बात की है।
वसीम जाफर ने अजीत अगरकर के कार्यकाल को 10 में से 7 अंक देते हुए कहा कि टीम ने भले ही सफेद गेंद के प्रारूप में सफलता हासिल की हो, लेकिन कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट के स्टार्स के साथ हैंडल करने का तरीका बेहतर हो सकता था।
जाफर ने ऐसे 7 खिलाड़ियों का जिक्र किया है जिनका करियर इस दौरान बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
विराट कोहली
विराट कोहली इस सूची में सबसे बड़ा नाम हैं। विश्व क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में शुमार विराट ने पिछले साल अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। जाफर का मानना है कि चयन समिति के रवैये और फैसलों से नाराज होकर विराट को अपने पसंदीदा फॉर्मेट को समय से पहले अलविदा कहना पड़ा।

रोहित शर्मा
वनडे और टी20 के उम्दा खिलाड़ी रोहित शर्मा को भी अगरकर के कार्यकाल के दौरान ही टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेना पड़ा। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित ने लंबे समय तक बाकी फॉर्मेट खेलने की इच्छा जताई थी, लेकिन चयन संबंधी फैसलों ने चौंकाने वाला मोड़ लिया।

सूर्यकुमार यादव
टी20 फॉर्मेट में भारतीय टीम को आधुनिक बल्लेबाजी शैली देने वाले सूर्यकुमार यादव का करियर भी चयन समिति के फैसलों से प्रभावित हुआ। 2024 और 2026 में भारत को अपनी कप्तानी या शानदार खेल से टी20 विश्व कप जिताने के बावजूद उन्हें बाद में टीम से बाहर कर दिया गया।

भुवनेश्वर कुमार
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार लगातार घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद टी20 टीम से नजरअंदाज होते रहे। चयनकर्ताओं का पूरा फोकस युवा गेंदबाजों पर था, लेकिन चयन समिति में बदलाव के बाद ही भुवी की वापसी के रास्ते खुले।
मोहम्मद शमी
साल 2023 के वनडे विश्व कप में भारत के सबसे सफल और आक्रामक गेंदबाज रहे मोहम्मद शमी पिछले कुछ वर्षों से लगातार टीम से बाहर चल रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाना चर्चा का विषय रहा है।

सरफराज खान
घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद सरफराज खान को टीम इंडिया में शामिल तो किया गया, लेकिन उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों की तरह निरंतर और स्थाई मौके नहीं मिले। शुरुआती या सामान्य दौर के बाद उन्हें तुरंत प्लेइंग-11 से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

अभिमन्यू ईश्वरन
अभिमन्यू ईश्वरन का नाम इस फेहरिस्त में सबसे चौंकाने वाला है। घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 110 से अधिक मैचों में 8500 से ज्यादा रन बनाने और लगातार शानदार औसत होने के बावजूद यह खिलाड़ी अब तक भारतीय सीनियर टीम के लिए डेब्यू करने का इंतजार कर रहा है।






