‘मुझे आपकी तकलीफ से मतलब नहीं…’, ओवैसी का इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला

ओवैसी ने अखिलेश यादव पर मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप लगाया, बोले- मुसलमानों के जेल जाने पर चुप्पी क्यों?

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती दिख रही है। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए मुस्लिमों के मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं। ओवैसी का आरोप है कि सपा को मुसलमानों के वोट तो चाहिए, लेकिन मुश्किल वक्त में उनके पक्ष में आवाज नहीं उठाई जाती।

अखिलेश यादव पर ओवैसी का सीधा हमला
उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसंपर्क कर रहे असदुद्दीन ओवैसी अपनी सभाओं में समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सपा की राजनीति में यादव समुदाय के मुद्दों को प्राथमिकता मिलती है, जबकि मुसलमानों से जुड़े मामलों पर पार्टी अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाती।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि जब किसी मुस्लिम व्यक्ति को जेल भेजा जाता है, तब अखिलेश यादव चुप रहते हैं, लेकिन सैफई के किसी यादव के जेल जाने पर विरोध तेज हो जाता है। उनके इस बयान को यूपी में मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा के प्रभाव को चुनौती देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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रामपुर की सभा में उठाए मुस्लिमों से जुड़े मुद्दे
रामपुर में आयोजित एक सभा के दौरान ओवैसी ने कई लोगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने उनके मामलों में खुलकर आवाज नहीं उठाई। उन्होंने जेल में बंद आजम खान की परेशानियां कम होने की उम्मीद भी जताई।

इसके अलावा ओवैसी ने मौलाना तौकीर रजा की जल्द रिहाई के लिए दुआ की। उन्होंने सफूरा जरगर, इशरत और शरजील इमाम जैसे लोगों का नाम लेते हुए भी सपा नेतृत्व पर सवाल उठाए। इन मामलों में संबंधित लोगों की कानूनी स्थिति और उन पर लगे आरोप अलग-अलग हैं।

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मुस्लिम वोट बैंक पर नजर, सपा-इंडिया गठबंधन को चुनौती
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की राजनीति में मुस्लिम और यादव मतदाताओं की अहम भूमिका रही है। ऐसे में ओवैसी मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाकर सपा के राजनीतिक आधार को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

ओवैसी का कहना है कि यदि विपक्षी दल मुस्लिमों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं, तो उनकी राजनीतिक परेशानियों की चिंता करना भी उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उनके बयानों से साफ है कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।

हालांकि, ओवैसी के आरोपों पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए इन आरोपों को ओवैसी के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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