प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी: सीएम योगी

Lucknow News: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने प्रदेशवासियों, विशेषकर माताओं और बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक विशेष संदेश जारी करते हुए कहा कि जगत जननी मां दुर्गा की उपासना का यह पर्व हमें नारी शक्ति के प्रति आदर, सम्मान और उनकी रक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, “अपने भक्तों को अभय प्रदान करने वाली आदिशक्ति मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि के चरणों में कोटि-कोटि नमन। मां कालरात्रि की कृपा से विघ्न-बाधाएं समाप्त हों, सभी के जीवन में शुभता का संचार हो तथा सुख, शांति और व समृद्धि का प्रकाश फैले।”

आदिशक्ति की आराधना और सांस्कृतिक संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संचालित ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) अभियान ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों में सुरक्षा का एक नया विश्वास जगाया है। थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना, एंटी-रोमियो स्क्वाड का गठन और त्वरित पुलिस सहायता (112 सर्विस) के माध्यम से पुलिस प्रशासन को अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाया गया है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा या सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस करेगा, उसे कानून के शिकंजे में कसकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अराजक और आपराधिक तत्वों के खिलाफ सरकार की यह सख्त नीति बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी।

स्वावलंबन से ही संभव है सशक्तिकरण

अपने संदेश में सीएम योगी ने यह भी रेखांकित किया कि केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वावलंबी होना भी उतना ही आवश्यक है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़कर सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे नवरात्रि के इस पावन अवसर पर अपने घरों और समाज में बेटियों को आगे बढ़ाने, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लें, क्योंकि नारी शक्ति के सम्मान से ही एक समृद्ध और विकसित समाज का निर्माण संभव है।

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