
UP में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर चुनाव आयोग सख्त! जिम्मेदार अफसरों पर ACTION
सूची तैयार करने में बरती गई प्रशासनिक कोताही के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गाज गिरी है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीलीभीत जिले के विभिन्न बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के सत्यापन और नए नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितताएं और शिकायतें सामने आई थीं। स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों और नागरिकों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद जब मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई गई, तो प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर लापरवाही और दिशा-निर्देशों की अनदेखी की पुष्टि हुई।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत की मतदाता सूची में पाई गयी त्रुटियों पर कड़ा रूख
त्रुटियों के लिए जिम्मेवार अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध विधिक कार्रवाई के निर्देश
संबंधित को तत्काल मतदाता सूची के कार्य से हटाये जाने के निर्देश
लखनऊ, 21 अक्टूबर, 2026।
127-पीलीभीत विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के नाम के इपिक नम्बर पर किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने संबंधी शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए आज प्रकरण की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत से करायी गयी।
जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त आख्या के अनुसार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत की मतदाता सूची में जांचोंपरांत कतिपय मतदाताओं के इपिक नम्बर को ऑनलाइन सर्च करने पर किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित होता पाया गया।
इस प्रकार की त्रुटियों को तत्काल ठीक करने एवं विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा वीआरसी ऑपरेटर को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाये जाने तथा उनके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत विधिक कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही इस विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के उत्तरदायित्व के संबंध में स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
जनपद पीलीभीत के समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की इस बिन्दु पर गहनता से जांच कर विस्तृत आख्या दो दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को दिये गये हैं।
उत्तर प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए अपने जनपद के समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की इस बिन्दु पर गहनता से जांच कर दो दिवस में आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दे दिये गये हैं।
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चुनाव आयोग पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने को लेकर बेहद सख्त है। ऐसे में डेटा में गड़बड़ी पाए जाने पर आयोग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए फौरी कदम उठाए हैं।
लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई
निर्वाचन आयोग की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने भी तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया है। इस मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO), सुपरवाइजर्स और अन्य उत्तरदायी क्षेत्रीय कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कुछ अन्य उच्चाधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) बैठा दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने भी सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ कराएं, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी तरह की त्रुटि या पात्र मतदाताओं के नाम छूटने की गुंजाइश न रहे।





