
मतदान के बीच चुनाव पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह की शिकायत, निष्पक्षता पर उठाए सवाल…
Election Commission: बीजेपी के बागी MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर IAS अभय सिंह को चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाने की मांग की।
Lucknow: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के बीच चुनाव पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह को लेकर विवाद सामने आया है। बीजेपी के बागी विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर उनकी शिकायत की है। उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभय सिंह को पर्यवेक्षक के पद से हटाने की मांग की है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र
देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में IAS अभय सिंह की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जैसे संवेदनशील चुनाव में पर्यवेक्षक की नियुक्ति निष्पक्षता और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले पर विचार करने और चुनाव पर्यवेक्षक को हटाने की मांग की है।
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2019 की CBI जांच का किया उल्लेख
देवेंद्र प्रताप सिंह ने पत्र में वर्ष 2019 के अवैध खनन मामले का उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, इस मामले में CBI ने FIR दर्ज की थी और छापेमारी के दौरान IAS अभय सिंह के आवास से नकदी बरामद हुई थी।
MLC ने इसी प्रकरण का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि ऐसे संवेदनशील चुनाव में अभय सिंह को पर्यवेक्षक नियुक्त करने का आधार क्या है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि नियुक्ति या भविष्य में पदस्थापना से जुड़ी परिस्थितियां अधिकारी की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती हैं।
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चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता का मुद्दा उठाया
देवेंद्र प्रताप सिंह ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मतदान की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस शिकायत पर उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने IAS अभय सिंह को चुनाव पर्यवेक्षक के पद से हटाने की मांग की है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह शिकायत देवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर आधारित है। इस मामले में निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया और शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।
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