किसानों की सिंचाई समस्या होगी दूर, CM लघु सिंचाई योजना के तहत मिल रही सब्सिडी

UP News: उत्तर प्रदेश के कृषि प्रधान राज्य में किसानों की आय बढ़ाने और उनकी फसलों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इनमें से मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना (Mukhyamantri Laghu Sinchayi Yojana) किसानों के बीच बेहद लोकप्रिय और लाभकारी साबित हो रही है।

इस योजना के तहत राज्य के लघु और सीमांत किसानों को अपने खेतों में बोरिंग, नलकूप निर्माण, पाइप वितरण प्रणाली और पंपसेट लगाने के लिए भारी-भरकम वित्तीय अनुदान (Subsidy) दिया जाता है।

आइए जानते हैं कि इस योजना के तहत किस प्रकार की श्रेणियां हैं, किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है और इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कैसे किया जा सकता है।

योजना के प्रमुख प्रकार

क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और भू-जल स्तर को ध्यान में रखते हुए इस योजना को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है:

उथले नलकूप (Shallow Tube Wells): यह योजना मुख्य रूप से उन क्षेत्रों के लिए है जहाँ भू-जल स्तर ठीक स्थिति में है। इसके अंतर्गत सामान्यतः 30 मीटर तक की गहराई की बोरिंग कराई जाती है। इसमें लघु, सीमांत तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को प्राथमिकता के आधार पर तय नियमों के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है।

मध्यम गहरे नलकूप (Medium Deep Tube Wells): जिन इलाकों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है, वहां मध्यम गहरी बोरिंग का प्रावधान है। इसके तहत 31 मीटर से 60 मीटर (या मानक अनुसार) तक की गहराई की बोरिंग कराई जाती है। इसके लिए किसानों को बोरिंग, पाइपलाइन और बिजली कनेक्शन (ऊर्जीकरण) के लिए सरकार की तरफ से बड़ा अनुदान मिलता है।

गहरे नलकूप (Deep Tube Wells): अधिक गहराई वाले क्षेत्रों और विशेष आवश्यकताओं के तहत 60 मीटर से अधिक गहरी बोरिंग व सोलर पंप आधारित प्रणालियों पर भी सरकार की ओर से व्यापक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।

कितनी मिलती है सब्सिडी ?

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत अलग-अलग कैटेगरी और कार्यों के आधार पर अनुदान राशि तय की गई है। उथले नलकूपों के लिए श्रेणी के अनुसार निर्धारित वित्तीय सहायता दी जाती है, वहीं मध्यम गहरी बोरिंग के मामलों में लागत का 50 प्रतिशत या तय अधिकतम सीमा (जैसे 1.75 लाख रुपये तक) का अनुदान मिलता है।

खेतों तक पानी सुगमता से पहुंचाने के लिए पाइपलाइन प्रणाली हेतु भी अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। नलकूप चलाने के लिए बिजली कनेक्शन या सोलर पंप की स्थापना पर भी सरकार की तरफ से बड़ा अनुदान दिया जाता है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। इसके अलावा कई जिलों में लक्षित किसानों को अनुदानित दरों पर डीजल पंप सेट भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता

  • स्थाई निवास: आवेदक किसान उत्तर प्रदेश का मूल एवं स्थाई निवासी होना चाहिए।

  • भूमि का स्वामित्व: किसान के नाम पर कृषि योग्य वैध भूमि खतौनी में दर्ज होनी चाहिए।

  • पंजीकरण: किसान का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना या राज्य के ‘पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल’ पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।

  • अन्य शर्तें: आवेदक किसान किसी पूर्ववर्ती सिंचाई योजना का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।

आवेदन करने की प्रक्रिया (How to Apply)

किसान भाई इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने संबंधित जिले के लघु सिंचाई विभाग (Minor Irrigation Department) के कार्यालय या राजकीय नलकूप खंड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य सरकार के आधिकारिक कृषि पोर्टल्स व जनसेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से भी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।

आवेदन के समय आधार कार्ड, नवीनतम खतौनी (नकल), बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और घोषणा पत्र (शपथ पत्र) जैसे जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे।

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