
BSE Sensex 300 अंक टूटा, NSE Nifty 22700 के नीचे आया
भारतीय बाजार की रफ्तार पर लगा ब्रेक
BSE Sensex NSE Nifty Mumbai: भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर वैश्विक मैक्रो दबाव के आगे पस्त होता नजर आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के 115 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंचने, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण घरेलू बाजार गैप-डाउन होकर खुले। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 377.47 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,229.20 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 76.50 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 22,676.70 के स्तर पर आ गया।
शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 95.13 पर पहुंच गया। वैश्विक मोर्चे पर बन रहे प्रतिकूल हालात ने भारतीय बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 114.91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि क्रूड ऑयल 100.85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 4.97 प्रतिशत के पास बने रहना बाजार के लिए बड़ा अल्पकालिक जोखिम बना हुआ है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के अनुसार, 114 डॉलर से ऊपर बना कच्चा तेल और ऊंची यूएस बॉन्ड यील्ड विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को ‘रिस्क-ऑफ’ (जोखिम से दूर रहने) के रुख में बनाए रख रही है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और वहां होने वाले मध्यवधि चुनाव से जुड़ा राजनीतिक घटनाक्रम भी निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर रहा है।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें कंपनियों की इनपुट और ट्रांसपोर्टेशन लागत को बढ़ा सकती हैं। इससे कॉरपोरेट मुनाफे पर सीधा दबाव पड़ेगा और भारत का कुल आयात बिल बढ़ेगा। उन्होंने आगाह किया कि मुद्रा जोखिम और वैश्विक ब्याज दरों में अनिश्चितता के चलते कंपनियों की आय वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
दूसरी तिमाही के बेहतर कॉरपोरेट नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का मजबूत फंड फ्लो विदेशी निवेशकों की बिकवाली को संभालने का प्रयास कर रहा है। विजयकुमार के अनुसार, पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनाव और ईरान रणनीति को लेकर कोई भी अप्रत्याशित कदम कच्चे तेल की कीमतों को और भड़का सकता है।
एनएससी और बीएससी पर इन्फोसिस, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाइटन, जेएसडब्ल्यू स्टील और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, बीईएल, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, सन फार्मा, टाटा कंज्यूमर, इंडिगो, एलएंडटी, और अदानी पोर्ट्स के शेयर मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार करते दिखे।





