SIR और फॉर्म-6 विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, याचिकाकर्ताओं को 10 दिन की मोहलत

बिहार SIR और फॉर्म-6 विवाद पर चुनाव आयोग को नोटिस, अगली सुनवाई दिवाली के बाद होने की संभावना।

News Delhi: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। मामले में फॉर्म-6 में कथित बदलाव को लेकर भी विवाद सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में दायर नई याचिका पर चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।

SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राकेश सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत को बताया कि चुनाव आयोग का हलफनामा सुनवाई से एक रात पहले मिला था। ऐसे में उसका जवाब तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।

इस पर अदालत ने याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया और सुनवाई आगे के लिए स्थगित कर दी। मामले की अगली सुनवाई दिवाली की छुट्टियों के बाद, 17 नवंबर के आसपास होने की संभावना जताई गई है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल
याचिकाओं में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली, कथित एकतरफा फैसलों और चुनाव आयोग की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। इन मामलों में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा सांसद डोला सेन की ओर से दायर एक नई याचिका पर भी चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में बिहार में SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने का आरोप लगाया गया है।

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फॉर्म-6 को लेकर क्या है विवाद?
फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। डोला सेन की याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार में SIR प्रक्रिया के दौरान इस फॉर्म में बदलाव किया गया था। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की ओर से अलग पक्ष रखा गया है।

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में 248 पन्नों का हलफनामा दाखिल कर SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग के उप चुनाव आयुक्त भानु प्रकाश येतुरी की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इस तरह फॉर्म-6 में कथित बदलाव को लेकर याचिकाकर्ताओं के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं। अदालत में इस मामले पर आगे की सुनवाई के दौरान इन मुद्दों पर विचार किया जा सकता है।

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अब 17 नवंबर के आसपास हो सकती है अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 में कथित बदलाव को लेकर उठाए गए सवालों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।

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