Allahabad High Court: कोर्ट रूम में वकीलों का तांडव, जज की ओर फेंकी गईं कुर्सियां!

Allahabad High Court: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया, जब एक वकील के कथित अपमान और पुलिस अधिकारी से माफी मंगवाए जाने के विवाद को लेकर वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा।

जस्टिस अजय भनोट की अदालत के बाहर भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और वकीलों ने कथित तौर पर कोर्ट रूम के भीतर पहुंचकर हंगामा किया तथा फर्नीचर इधर-उधर फेंक दिए।

कैसे भड़का वकीलों का गुस्सा?

यह पूरा विवाद एक अदालत कक्ष के भीतर बैठने की व्यवस्था और पुलिस अधिकारी व वकील के बीच हुई तनातनी से शुरू हुआ। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए पत्र और रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस अजय भनोट की अदालत में पुलिस अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने के लिए एक अलग पंक्ति निर्धारित है। सुनवाई के दौरान एक पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के अधिकारी अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (AGA) के पीछे वाली सीट पर बैठ गए थे।

जब एक स्थानीय वकील ने आपत्ति जताते हुए पुलिस अधिकारी से कहा कि यह उनके बैठने की निर्धारित जगह नहीं है और उन्हें पीछे की पंक्तियों में बैठना चाहिए, तो मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि इस बात पर अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने संबंधित वकील को डांट-फटकार लगाई और जज से इसकी शिकायत करने की बात कही।

इसके बाद जब न्यायमूर्ति अदालत में पहुंचे, तो सरकारी पक्ष की शिकायत पर जज ने कथित तौर पर वकील की तरफ उंगली उठाते हुए उन्हें जेल भेजने की चेतावनी दी। बार एसोसिएशन का आरोप है कि जब वकील ने स्थिति संभालनी चाही, तो उन्हें मजबूर किया गया कि वे उस पुलिस अधिकारी से माफी मांगें। इस पूरी घटना के दौरान एक वरिष्ठ वकील के संबंध में भी आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया गया।

बार एसोसिएशन ने दी बहिष्कार की चेतावनी

इस घटना से वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने इस मामले को वकीलों की गरिमा और सम्मान पर सीधा प्रहार बताया। बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी पत्र में मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि इस अनुचित व्यवहार के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो अधिवक्ता जस्टिस अजय भनोट की अदालत का अनिश्चितकाल के लिए पूर्ण बहिष्कार करेंगे।

कोर्ट रूम में जबरदस्त हंगामा

बुधवार को स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब बड़ी संख्या में वकील जस्टिस अजय भनोट की अदालत के बाहर जमा हो गए। जब न्यायाधीश अपनी पीठ पर बैठे थे (जिनके साथ जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत भी मौजूद थे), तब वकीलों ने नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और वकीलों ने कोर्ट रूम के भीतर पहुंचकर जमकर हंगामा किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुस्से में वकीलों ने कोर्ट रूम के अंदर कुर्सियां और अन्य सामान मंच (डाइस) की तरफ फेंक दिए। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद उच्च न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात करना पड़ा है। वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और वकीलों को समझाने-बुझाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।

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