यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले बड़ा निर्देश, कमजोर छात्रों की पढ़ाई के लिए बनेगा खास प्लान

UP Education: यूपी बोर्ड परीक्षा 5 फरवरी से शुरू, कमजोर छात्रों के लिए रोजाना एक घंटे की अतिरिक्त पढ़ाई; शिक्षक भर्ती और निपुण असेसमेंट पर भी बड़े निर्देश।

Lucknow: उत्तर प्रदेश में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर शिक्षा विभाग ने नई रणनीति पर काम तेज कर दिया है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET), लखनऊ से आयोजित यूट्यूब लाइव मार्गदर्शन सत्र में प्रदेश के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पढ़ाई कराने, निपुण असेसमेंट, शिक्षक भर्ती और स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

5 फरवरी से बोर्ड परीक्षा, शिक्षकों को बनाना होगा रिवर्स टाइम टेबल
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होंगी। फरवरी में गृह परीक्षाएं भी आयोजित की जानी हैं। ऐसे में शिक्षकों को शेष समय का बेहतर इस्तेमाल करते हुए पाठ्यक्रम पूरा कराने और विद्यार्थियों को दोहराव के लिए पर्याप्त समय देने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक रिवर्स टाइम टेबल तैयार करें, ताकि परीक्षा की तारीख को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई की योजना बनाई जा सके। विधानसभा चुनाव, जनगणना और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के कारण शिक्षण समय प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह रणनीति महत्वपूर्ण है।

परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए छात्रों को खास सलाह
लाइव सत्र में विद्यार्थियों को उत्तर लेखन और समय प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके बताए गए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर पुस्तिका में बिंदुवार जवाब लिखना, महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित करना और आवश्यकतानुसार चार्ट, ग्राफ व डायग्राम बनाना उपयोगी हो सकता है। छात्रों को शब्द सीमा का ध्यान रखने और मॉडल प्रश्नपत्रों के जरिए नियमित अभ्यास करने की भी सलाह दी गई।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ढाई से तीन घंटे तक लगातार बैठकर मॉक टेस्ट दें, ताकि वास्तविक परीक्षा के दौरान समय का सही प्रबंधन किया जा सके।

बच्चों पर परीक्षा का दबाव न बनाएं अभिभावक
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अभिभावकों से बच्चों को तनावमुक्त माहौल देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंक ही जीवन में सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं हैं। विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए समय निकालना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर छात्र और अभिभावक टेली-काउंसलिंग की मदद भी ले सकते हैं।

दिसंबर और जनवरी में होगा निपुण असेसमेंट
निपुण भारत मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को कक्षा पांच तक विस्तारित किया गया है। इसके लिए निपुण तालिका और निपुण ऐप प्लस का उपयोग किया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव के अनुसार, निपुण असेसमेंट का पहला चरण 20 से 30 दिसंबर और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षु मूल्यांकन करेंगे। इसका उद्देश्य विद्यालयों को दंडित करना नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने में आ रही कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना है।

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कमजोर विद्यार्थियों के लिए रोजाना 30 मिनट से एक घंटे तक अतिरिक्त पढ़ाई
शिक्षा विभाग के 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान के तहत शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक रेमेडियल टीचिंग कराने को कहा गया है। साथ ही पीयर लर्निंग के जरिए सक्षम विद्यार्थियों को अपने सहपाठियों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य पढ़ाई में पिछड़ रहे बच्चों के अधिगम स्तर को सुधारना और उन्हें बाकी विद्यार्थियों के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है।

स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं का होगा बेहतर इस्तेमाल
स्कूलों में विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को सक्रिय करने तथा जरूरी प्रैक्टिकल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को भी रोजाना की शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

शिक्षकों के नए प्रयोगों और शिक्षण नवाचारों को साझा करने के लिए ‘उद्गम’ पोर्टल का इस्तेमाल बढ़ाने की बात कही गई। इस पोर्टल पर अब तक 200 से अधिक नवाचार अपलोड किए जा चुके हैं।

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यूपी में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया भी जारी
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नगर क्षेत्र में 11,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। वहीं, माध्यमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 17,000 से अधिक टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। सभी भर्तियां एनसीटीई के निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाएंगी।

इसके अलावा, प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को रिक्त पदों का आकलन और 31 मई तक भर्ती आयोगों को अधियाचन भेजने की व्यवस्था बनाई गई है।

स्कूलों में बच्चों को मिलेगा गर्म हलवा और उपमा
पीएम पोषण योजना के तहत नवंबर से शुरू होने वाले 14 सप्ताह में कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को पूरक पोषण के रूप में गर्म और ताजा हलवा व उपमा परोसा जाएगा। इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें सम्मानित करने की भी योजना है।

शिक्षा विभाग की इन पहलों के जरिए बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी मजबूत करने, कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देने, शिक्षक भर्ती को आगे बढ़ाने और विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

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