
Yemen जंग का नया मोड़! सऊदी अरब में ‘दुश्मन हवाई खतरे’ का अलर्ट, हूती हमलों पर UNSC सख्त
Yemen War Update: सऊदी अरब में कई जगह ‘दुश्मन हवाई खतरे’ का अलर्ट, रियाद में धमाके की आवाज; हूती हमलों पर UNSC ने जताई गंभीर चिंता
Yemen War: यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के सऊदी अरब के कई हिस्सों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए। राजधानी रियाद में भी एयर अलर्ट के दौरान धमाके की आवाज सुनी गई।
इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सऊदी अरब और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने वाले हूती हमलों की निंदा की है। सुरक्षा परिषद ने कहा है कि लगातार हमले क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं।
सऊदी अरब में क्यों बजे इमरजेंसी अलर्ट?
शनिवार तड़के सऊदी अरब के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के मोबाइल फोन पर हवाई खतरे से जुड़े अलर्ट भेजे गए। रियाद में भी ऐसा अलर्ट जारी हुआ और कम से कम एक धमाका सुना गया। रिपोर्टों के मुताबिक, यह हालिया हूती तनाव बढ़ने के बाद राजधानी में इस तरह का पहला अलर्ट था। फिलहाल रियाद में किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले भी सऊदी अरब के मक्का, जेद्दा और अन्य इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए जा चुके हैं। हाल के दिनों में हूती हमलों के कारण सऊदी अधिकारियों ने कई क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
हूती हमलों पर UNSC का कड़ा रुख
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है। परिषद ने चेतावनी दी कि इस तरह की सैन्य गतिविधियां संघर्ष को और फैलाने के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।
UNSC में यह भी जोर दिया गया कि लाल सागर और बाब-अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित रहनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने हालिया घटनाक्रम को लेकर समुद्री सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है।
हूती विद्रोहियों पर हथियार प्रतिबंध लागू करने की अपील
सुरक्षा परिषद की चर्चा में हूती विद्रोहियों तक हथियार और सैन्य सहायता पहुंचने को रोकने पर भी जोर दिया गया। परिषद के सदस्यों ने संबंधित देशों से संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हूती हमलों का दायरा केवल यमन तक सीमित नहीं रह गया है। सऊदी अरब के शहरों और ऊर्जा ढांचे के अलावा लाल सागर में वाणिज्यिक जहाज भी निशाने पर रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा बाजारों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह संकट?
यमन और लाल सागर का घटनाक्रम भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के प्रमुख मार्गों में शामिल है। बाब-अल-मंदब के आसपास तनाव बढ़ने से जहाजों के रूट, बीमा लागत, परिवहन समय और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी समुद्री व्यापार और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।
हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौजूदा घटनाक्रम का भारत पर कितना प्रत्यक्ष आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। इसका असर संघर्ष की अवधि, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
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ईरान में इजरायल के लिए जासूसी के आरोप में फांसी
इसी बीच क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान से भी बड़ी खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, शनिवार को एक व्यक्ति को इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी दी गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर तनाव बढ़ा हुआ है।
कुल मिलाकर, सऊदी अरब में नए एयर अलर्ट, यमन में हूती गतिविधियों और लाल सागर में बढ़ते खतरे ने मध्य पूर्व के संकट को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय कूटनीति पर इसका असर महत्वपूर्ण हो सकता है।
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