
Punjab में ‘आप’ का दबदबा कायम… जिला परिषद और पंचायत समिति में बड़ी जीत
Punjab News: पंजाब के ग्रामीण निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की सियासत में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ी राजनीतिक बढ़त दिलाई है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में मिली इस जीत को भगवंत मान सरकार के लिए ग्रामीण स्तर पर जनविश्वास के रूप में देखा जा रहा है। तीन दिनों तक चली मतगणना के बाद गुरुवार को घोषित नतीजों ने साफ कर दिया कि ग्रामीण पंजाब में फिलहाल सत्तारूढ़ पार्टी का दबदबा कायम है।
नतीजों में AAP की निर्णायक बढ़त
राज्य चुनाव आयोग, पंजाब के मुताबिक 22 जिला परिषदों के 346 जोनों और 153 पंचायत समितियों के 2,834 जोनों के लिए चुनाव कराए गए थे। जिला परिषद चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 218 जोनों में जीत दर्ज की, जो कुल सीटों का लगभग 63 प्रतिशत है। कांग्रेस 62 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि शिरोमणि अकाली दल को 46 जोनों में सफलता मिली। भारतीय जनता पार्टी महज 7 जोनों तक सिमट गई, बसपा को 3 और निर्दलीयों को 10 जोनों में जीत मिली।
पंचायत समिति चुनावों में भी AAP का प्रदर्शन मजबूत रहा। पार्टी ने 1,529 से अधिक जोनों में जीत दर्ज की, जो करीब 54 प्रतिशत है। कांग्रेस ने 611, अकाली दल ने 449, भाजपा ने 73, बसपा ने 28 और निर्दलीयों ने 144 जोनों में जीत हासिल की।
ग्रामीण इलाकों में AAP की पकड़ मजबूत
इन नतीजों को ग्रामीण मतदाताओं की ओर से भगवंत मान सरकार के कामकाज पर मुहर के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नशा विरोधी अभियान, किसानों के खेतों तक नहर का पानी पहुंचाने की योजना, मुफ्त बिजली और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियों जैसी नीतियों का असर चुनाव नतीजों में साफ नजर आया है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे जनता का भरोसा बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पंजाब ने यह दिखा दिया है कि वे विकास, ईमानदार शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ खड़े हैं।
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कांग्रेस और अकाली दल की चुनौती
हालांकि AAP ने कुल मिलाकर बढ़त बनाई, लेकिन कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल कुछ इलाकों में मजबूत चुनौती देने में सफल रहे। कांग्रेस ने एसबीएस नगर, रूपनगर, जालंधर, फिरोजपुर और लुधियाना जैसे जिलों में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं अकाली दल ने बठिंडा, मुक्तसर और फरीदकोट में अपनी पकड़ बरकरार रखी।
भाजपा का सीमित प्रदर्शन
भाजपा के लिए ये चुनाव खास उत्साहजनक नहीं रहे। पार्टी जिला परिषदों में केवल फाजिल्का और पठानकोट जैसे कुछ जिलों में ही जीत दर्ज कर पाई। इससे यह संकेत मिलता है कि ग्रामीण पंजाब में भाजपा को अभी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लंबा रास्ता तय करना होगा।
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आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
चुनाव नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ AAP पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने दावा किया कि AAP ने चुनाव ‘चुराए’ हैं। वहीं आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हुए हैं और नतीजे जनता की स्पष्ट राय को दर्शाते हैं।
ग्रामीण निकाय चुनावों में मिली इस जीत को AAP के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष पर दबाव भी बढ़ गया है।
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