iPhone के बाद भारत में Apple बनाएगा टेक्नोलॉजी हब… घटेगी चीन की निर्भरता

Apple: टेक्नोलॉजी दिग्गज Apple अब सिर्फ iPhone असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहता। रॉयटर्स और इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने भारतीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ बातचीत शुरू की है ताकि भारत में चिप्स जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की असेंबली और पैकेजिंग की जा सके।

यह पहल भारत की टेक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ावा दे सकती है और अमेरिका को चीन पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफल होती है, तो यह भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी और देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिला सकती है।

भारत में पहली बार चिप असेंबली और पैकेजिंग पर विचार
रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने भारत में पहली बार गंभीरता से चिप असेंबली और पैकेजिंग की योजना बनाई है। इसके तहत गुजरात के सानंद में बनने वाली फैक्ट्री में यह काम हो सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार की चिप्स असेंबल या पैकेज होंगी, लेकिन अनुमान है कि यह डिस्प्ले से जुड़ी चिप्स हो सकती हैं।

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कहां हो सकता है असेंबली का काम
Apple ने इस संबंध में मुरुगप्पा ग्रुप की कंपनी CG Semi के साथ बातचीत की है। CG Semi गुजरात के सानंद में एक OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) फैक्ट्री बना रही है। फिलहाल कंपनी ने इस मामले में कोई पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जब कुछ ठोस होगा तभी जानकारी साझा की जाएगी।

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चीन पर निर्भरता घटाना मकसद
Apple लंबे समय से अपनी मैन्युफैक्चरिंग रणनीति में बदलाव कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक अमेरिका में बिकने वाले सभी iPhone भारत में बनें। इसका कारण अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ विवाद भी है। अप्रैल में अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 26% टैक्स लगाया था, जबकि चीन से आने वाले प्रोडक्ट्स पर यह 100% से अधिक था। हालांकि बाद में अधिकांश टैरिफ अस्थायी रूप से रद्द किए गए, लेकिन चीन पर निर्भरता कम करना Apple की प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत Apple के लिए एक सुरक्षित और रणनीतिक विकल्प बनता जा रहा है। इस कदम से भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को नई दिशा मिलेगी और वैश्विक सप्लाई चेन में देश की स्थिति मजबूत होगी।

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