
UP में पुलिस की बड़ी चूक? AK-47 को बताया खिलौना, अब जांच पर सवाल
UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से सामने आया एक मामला पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में जहां कथित तौर पर AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाए गए थे, वहीं जांच के दौरान इसे ‘खिलौना’ बताकर आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई थी। अब इसी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
नवंबर 2025 में बिजनौर निवासी मैजुल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह चार लोगों से बातचीत करता नजर आ रहा था, जबकि आकिब खान नाम का युवक AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाता दिखाई दे रहा था।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती जांच में अधिकारियों ने हथियारों को असली नहीं बल्कि ‘खिलौना’ बताते हुए आकिब और मैजुल को क्लीन चिट दे दी।
“आतंकी गैंग” को बिजनौर पुलिस की “क्लीन-चिट” क्यों!
मेरठ का आकिब दुबई में रहता है. नवम्बर-25 में उसका एक वीडियो कॉल सामने आया जिसमें वह बिजनौर के मैजुल और मेरठ के शाकिब के साथ था. आकिब के हाथ में AK-47 थी. बिजनौर पुलिस ने 23 नवम्बर-2025 को आकिब, मैजुल और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज… pic.twitter.com/fvSp6U7VUU
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) April 5, 2026
गिरफ्तारी के बाद खुला सच
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब हाल ही में आकिब खान को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आया कि पहले की जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई थी और कई तथ्यों को नजरअंदाज किया गया।
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
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सवालों के घेरे में जांच प्रक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं—
- क्या जांच में जानबूझकर ढिलाई बरती गई?
- क्या आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई?
- या फिर यह महज लापरवाही का मामला था?
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सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर भी सवाल उठाए हैं। यदि वीडियो में दिखाए गए हथियार असली थे, तो यह एक गंभीर सुरक्षा खतरा हो सकता था।
Bijnor का यह मामला बताता है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। अब जांच एजेंसियों के सामने चुनौती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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