
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में फूट-फूटकर रोए अमिताभ ठाकुर… जताई हत्या की आशंका
Amitabh Thakur: देवरिया में वर्ष 1999 के कथित सरकारी ज़मीन प्रकरण में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत में पेश किया गया, जहाँ कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत में पेशी के दौरान अमिताभ ठाकुर भावुक हो उठे और अपनी जान को गंभीर खतरा बताकर रो पड़े।
कोर्ट में भावुक हुए अमिताभ ठाकुर
अदालत के सामने पेश किए जाने पर अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्हें रास्ते में कई बार गाड़ियाँ बदलवाई गईं, जिससे उन्हें आशंका हुई कि कहीं रास्ते में कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
अदालत में उन्होंने कहा—
“मुझे डर है कि जेल में मेरी हत्या हो सकती है। यदि मुझे थोड़ा समय मिल जाए तो मैं पूरी बात अदालत के सामने लिखकर रख सकता हूँ।”
उनकी यह बात सुनकर अदालत ने उनके बयान को रिकॉर्ड में शामिल किया।
किस मामले में हुई गिरफ्तारी?
यह मामला 12 सितंबर 2025 की शिकायत से जुड़ा है, जब लखनऊ के तालकटोरा निवासी संजय शर्मा ने राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर गंभीर आरोप लगाए थे।
क्या हैं आरोप?
- वर्ष 1999 में देवरिया के पुलिस अधीक्षक रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने कथित रूप से सरकारी प्लॉट अपनी पत्नी के नाम करवा लिया।
- विक्रय पत्र में पत्नी का नाम नूतन देवी और पति का नाम अजिताभ ठाकुर दर्ज कराया गया।
- आरोप है कि यह ज़मीन बाद में मोटी रकम में बेच दी गई।
- शिकायतकर्ता के अनुसार, ऐसा करना उनके पद और अधिकारों का दुरुपयोग था।
इसी शिकायत पर देवरिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ और सरकार के निर्देश पर जांच एसआईटी, लखनऊ को सौंप दी गई।
यह भी पढ़ें…
UP News: पत्नी की बेवफाई से टूटा राहुल, जान देने से पहले वीडियो में बयां किया दर्द
कोर्ट में वकील की जरूरत से किया इनकार
अदालत में पेशी के दौरान जब कोर्ट ने पूछा कि क्या उन्हें किसी वकील की आवश्यकता है, तो अमिताभ ठाकुर ने खुद को कानूनी रूप से सक्षम बताते हुए वकील लेने से इनकार कर दिया।जब कोर्ट ने गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया गया, जिस पर विवेचक असहज दिखा।
यह भी पढ़ें…
UP News: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दो कारें भिड़ीं, आग की लपटों में झुलसकर 5 की मौत
कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा, भीड़ उमड़ी
अमिताभ ठाकुर की पेशी के दौरान कचहरी चौराहे से लेकर कोर्ट परिसर तक पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी।
- बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ उन्हें देखने के लिए अदालत पहुंच गई।
- सुरक्षा बलों के घेरे में पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर को नियंत्रित रखा।
एसआईटी की जांच जारी है और कोर्ट द्वारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत मंजूर किए जाने के बाद अमिताभ ठाकुर को जेल भेज दिया गया है।
आरोपों की गंभीरता, एसआईटी की भूमिका और अदालत में जताई गई उनकी सुरक्षा आशंका के कारण यह मामला अब नए सिरे से राज्य में चर्चा और सुर्खियों का केंद्र बन गया है।
यह भी पढ़ें…





