AMRUT 2.0 योजना को मिली रफ्तार, गोरखपुर-मुरादाबाद के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड को मंजूरी

AMRUT 2.0 Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के शहरी विकास और नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अमृत 2.0 योजना के तहत गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम द्वारा म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही दोनों नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग बेहतर बनाने के लिए अवस्थापना विकास निधि (इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड) से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

शहरी विकास परियोजनाओं को मिलेगा वित्तीय बल
सरकार का मानना है कि इस फैसले से दोनों नगर निगम बाजार से सीधे पूंजी जुटाने में सक्षम होंगे। म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग शहरों में सड़क, पेयजल, सीवरेज, जल निकासी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य विकास परियोजनाओं पर किया जाएगा। इससे नगर निगमों की बाहरी अनुदानों पर निर्भरता भी कम होगी।

क्रेडिट रेटिंग सुधारने पर रहेगा फोकस
म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए नगर निगमों की अच्छी क्रेडिट रेटिंग आवश्यक होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने दोनों नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग में सुधार के लिए अवस्थापना विकास निधि से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। बेहतर क्रेडिट रेटिंग मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और नगर निगमों को कम लागत पर वित्तीय संसाधन जुटाने में आसानी होगी।

आत्मनिर्भर नगर निकाय बनाने की दिशा में कदम
योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के नगर निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार का मानना है कि यदि नगर निगम स्वयं बाजार से संसाधन जुटाने में सक्षम होंगे, तो वे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेंगे। इससे शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से होगा।

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अमृत 2.0 योजना को मिलेगा बढ़ावा
यह निर्णय केंद्र सरकार की अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) 2.0 योजना के उद्देश्यों के अनुरूप है। इस योजना के तहत शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र, स्वच्छता और अन्य शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से नगर निगम इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटा सकेंगे।

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प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए भी बनेगा मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम सफलतापूर्वक म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से संसाधन जुटाते हैं, तो यह उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है। इससे राज्य में शहरी वित्तीय प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी और विकास परियोजनाओं को गति मिलने की संभावना बढ़ेगी।

सरकार का कहना है कि इस पहल से न केवल दोनों नगर निगमों की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश में आधुनिक और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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