डिप्टी सीएम से मिलने की जिद पर अड़े आयुष छात्र, लखनऊ में धरना…

Ayush Interns Protest: लखनऊ में आयुष छात्रों का प्रदर्शन, 15 साल से स्टाइपेंड न बढ़ने पर नाराजगी; 7,500 से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने और डिप्टी सीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े छात्र.

Lucknow: लखनऊ में आयुष छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि पिछले करीब 15 वर्षों से उनके स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। वर्तमान में उन्हें 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की जा रही है।

प्रदर्शनकारी छात्र डिप्टी सीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं गांधी प्रतिमा पर जुटे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। कई छात्र छाता लेकर तो कुछ पोस्टर और बैनर से सिर ढककर प्रदर्शन करते नजर आए।

’25 हजार स्टाइपेंड हमारी जरूरत’
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। छात्रों ने कहा, “मेहनत हमारी पूरी है, 25 हजार मांग जरूरी है” और “काम हमारा पूरा, स्टाइपेंड क्यों आधा-अधूरा” जैसे नारे लगाए।

छात्रों का कहना है कि आयुष पाठ्यक्रम के दौरान वे लंबे समय तक पढ़ाई और प्रशिक्षण के साथ अस्पताल में मरीजों के इलाज और अन्य चिकित्सकीय कार्यों में भी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है।

7,500 रुपये में गुजारा मुश्किल
आयुष छात्रों का कहना है कि मौजूदा महंगाई में 7,500 रुपये प्रतिमाह में रोजमर्रा का खर्च चलाना बेहद मुश्किल है। कई छात्र दूसरे शहरों से आकर पढ़ाई करते हैं और किराए के कमरों में रहते हैं। छात्रों के मुताबिक, वर्तमान स्टाइपेंड में कमरे का किराया निकालना भी मुश्किल हो जाता है।

डॉक्टर पवन शुक्ला ने कहा कि आयुर्वेद के छात्र नीट परीक्षा पास करने के बाद इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं। करीब साढ़े चार साल की पढ़ाई के बाद एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है। उन्होंने कहा कि 2011 से 2026 तक स्टाइपेंड में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि छात्रों को करीब 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि मिलती है। उनका सवाल है कि जब पिछले 15 वर्षों में महंगाई में काफी बढ़ोतरी हुई है, तो आयुष छात्रों का स्टाइपेंड अभी भी पुरानी दर पर क्यों है?

MBBS और BDS इंटर्न से तुलना
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि MBBS और BDS इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है, जबकि आयुष छात्रों को अब भी पुरानी दर पर भुगतान किया जा रहा है। इसी अंतर को खत्म करने और समान अवसर देने के लिए छात्र स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं।

छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। फिलहाल प्रदर्शनकारी डिप्टी सीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े हुए हैं।

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