
Stock Market: खुलते ही शेयर बाजार में मची तबाही, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों धराशायी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भूचाल देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलने के साथ ही धराशायी नजर आए. बैंकिंग शेयर अच्छे रिजल्ट्स के बाद भी भरभराकर टूटे.
Stock Market Crash: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) शुरुआती कारोबार में 541.02 अंक (0.69%) की गिरावट के साथ 77,610.43 पर खुला। वहीं निफ्टी 50 (Nifty 50) 128.50 अंक (0.53%) फिसलकर 24205.80 पर पहुंच गया।
इन शेयरों में रही तेजी
सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक करीब 1.88% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहे। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और भारती एयरटेल के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
HDFC, Axis ताश के पत्तों की तरह बिखरे
सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) में सबसे अहम रोल बैंकिंग शेयरों ने निभाया. बीते सप्ताह जोरदार रिजल्ट पेश करने वाले ज्यादातर बैंकों के स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप में खबर लिखे जाने तक Axis Bank Share (5.30%), HDFC Bank Share (4.90%), Kotak Bank Share (3.20%) की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहे थे.
मिडकैप कैटेगरी में शामिल Yes Bank Share (3.50%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था, तो वहीं Federal Bank, AU Bank जैसे शेयर भी रेड जोन में नजर आए.
क्या है गिरावट की वजह?
बाजार पर कुछ नकारात्मक और कुछ सकारात्मक कारकों का असर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो भारत पर ऊर्जा आयात का दबाव बढ़ सकता है, जिससे रुपये और विदेशी निवेश (FPI) पर असर पड़ सकता है।
ग्लोबल टेंशन बढ़ने का असर एशियाई शेयर बाजारों में भी देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में ही जापान का निक्केई इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया था. गिफ्ट निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था, जिससे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा.





