
पेरू में भूकंप का कहर: 6 लोगों की मौत, 10KM की गहराई बनी विनाश की सबसे बड़ी वजह
Peru Earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में 19 जुलाई 2026 को आए भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। 5.5 तीव्रता के इस भूकंप में अब तक 6 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के झटकों से कई इमारतों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पेरू के सिकाया शहर के पास था। हालांकि भूकंप की तीव्रता 5.5 थी, लेकिन इसकी गहराई महज 10 किलोमीटर थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की कम गहराई ही इस घटना के ज्यादा विनाशकारी होने की सबसे बड़ी वजह बनी।
भूकंप की कम गहराई ने बढ़ाई तबाही
आमतौर पर भूकंप से होने वाले नुकसान का आकलन केवल उसकी तीव्रता के आधार पर नहीं किया जा सकता। भूकंप की गहराई भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। जब भूकंप जमीन की सतह के काफी करीब आता है, तो उससे निकलने वाली ऊर्जा को सतह तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है।
यही वजह है कि ऊर्जा रास्ते में ज्यादा कमजोर नहीं होती और जमीन पर तेज झटके महसूस किए जाते हैं। पेरू में आए भूकंप के मामले में भी यही हुआ। भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था, जिसके कारण इसकी ऊर्जा तेजी से सतह तक पहुंची।
क्या होता है उथला भूकंप?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, जिन भूकंपों की गहराई 70 किलोमीटर से कम होती है, उन्हें उथला या Shallow Earthquake कहा जाता है। ऐसे भूकंप अक्सर ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं, खासकर तब जब उनका केंद्र आबादी वाले इलाके के पास हो।
पेरू में आया भूकंप भी इसी श्रेणी में आता है। इसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी। यानी भूकंप से निकली ऊर्जा जमीन के अंदर लंबी दूरी तय किए बिना ही सतह तक पहुंच गई। इसका सीधा असर लोगों और इमारतों पर पड़ा।
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सिर्फ 5.5 तीव्रता, फिर भी इतना नुकसान क्यों?
भूकंप की तीव्रता 5.5 होने के बावजूद बड़े पैमाने पर नुकसान का सवाल लोगों के मन में उठ रहा है। इसका जवाब भूकंप की गहराई में छिपा है।
अगर भूकंप काफी गहराई में आता है, तो उसकी ऊर्जा सतह तक पहुंचते-पहुंचते काफी हद तक कमजोर हो सकती है। वहीं, उथले भूकंप में ऊर्जा कम दूरी तय करती है। यही कारण है कि कम तीव्रता वाला भूकंप भी स्थानीय स्तर पर भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
पेरू में भूकंप के दौरान जमीन के तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। कई जगहों पर लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। हादसे में 6 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।
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राहत और बचाव अभियान जारी
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों की ओर से प्रभावित इमारतों और इलाकों का जायजा लिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटकों की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पेरू में आया यह भूकंप एक बार फिर यह दिखाता है कि किसी भूकंप की विनाशक क्षमता का अंदाजा केवल उसकी तीव्रता देखकर नहीं लगाया जा सकता। उसकी गहराई, केंद्र से दूरी और इलाके की भौगोलिक स्थिति भी नुकसान को तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।
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