
Stock Market: वित्त मंत्री के बयान से झूमा शेयर बाजार! सेंसेक्स ने लगाई 1100 अंकों की छलांग
Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार में आज 13 अक्टूबर को ऐतिहासिक और तूफानी तेजी देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर दिए गए बयानों ने बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया। इसके साथ ही आईटी शेयरों में हुई जोरदार खरीददारी के दम पर बाजार दिनभर के कारोबार के बाद शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स 1,109.10 अंक (1.54%) की जबरदस्त छलांग लगाकर 73,033.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 सूचकांक 358.60 अंक (1.60%) की भारी तेजी के साथ 22,721.95 के लेवल को पार कर गया।
सेंसेक्स-निफ्टी में सबसे बड़ी तेजी
कारोबार के अंत में, 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,109.10 अंक या 1.54 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ अपने दिन के उच्च स्तर के करीब 73,033.78 पर बंद हुआ. यह पिछले चार महीनों में सेंसेक्स की एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 358.60 अंक या 1.60 प्रतिशत चढ़कर 22,721.95 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले दो महीनों में इसका सबसे बेहतरीन एकल-दिवसीय प्रदर्शन है.
आईटी सेक्टर में आई बहार
आज की इस चौतरफा तेजी के मुख्य नायक आईटी स्टॉक्स रहे। एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) का शेयर 8.28 प्रतिशत उछलकर बंद हुआ। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के लिए अपने समेकित शुद्ध लाभ में 21.18 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है, जो बढ़कर ₹5,132 करोड़ हो गया है. कंपनी को यह मुनाफा उन्नत AI संचालन से बढ़े मार्जिन और कम टैक्स आउटगो के कारण मिला है।
इसके असर से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6.59 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 4.90 प्रतिशत और इंफोसिस में 4.44 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखी गई।
इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक जैसे ब्लू-चिप शेयरों ने भी बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक, एटरनल और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वित्त मंत्री का बयान
बाजार की धारणा को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान से सहारा मिला, जिसमें उन्होंने कहा कि एलटीसीजी (LTCG) टैक्स और एसटीटी (STT) पर चल रही बहस एक स्वस्थ संकेत है और वह इसे बेहद ध्यान से सुन रही हैं।
इसके साथ ही, आरबीआई (RBI) द्वारा डेरिवेटिव मार्केट में सट्टा व्यापार पर रोक लगाने के कदमों के बाद भारतीय रुपया 41 पैसे मजबूत होकर 95.37 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये में पिछले तीन दिनों में 1.5% से अधिक का सुधार आया है, जिससे विदेशी पूंजी की निकासी की चिंताएं कम हुई हैं। वैश्विक मोर्चे पर, ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.66 प्रतिशत गिरकर 104.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत मिली।
हालांकि, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.46 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग और रुपये की स्थिरता ने बड़े निवेशकों का भरोसा बहाल किया है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार की तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है।





