
CM Yogi ने कैबिनेट बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर… ग्रामीण विकास को बढ़ावा
UP Cabinet Meeting: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं।
बैठक में सबसे बड़ा बदलाव ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025’ को लागू करना है, जिसे मनरेगा की जगह लाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी, किसानों और श्रमिकों को सशक्त बनाया जाएगा और एक स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार होगा।
प्रमुख प्रावधान
- रोजगार गारंटी बढ़ाकर 100 से 125 दिन कर दी गई है।
- श्रमिकों को साप्ताहिक भुगतान और देरी होने पर अनिवार्य मुआवजा मिलेगा।
- अगर मांग पर रोजगार उपलब्ध नहीं होता है, तो बेरोज़गारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन गया है।
- ग्रामीण विकास और स्थायी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नई योजनाएँ लागू होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका की सुनिश्चितता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की समस्याओं पर नियंत्रण होगा।
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मनरेगा की पिछली खामियों पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्होंने दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा और गरीबों व युवाओं को भूख और पलायन की ओर धकेला, वे अब इस पारदर्शी सुधार पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने मनरेगा की विफलताओं का हवाला देते हुए कहा:
- फर्जी जॉब कार्ड और फर्जी हाजिरी
- मजदूरी भुगतान में देरी
- कमजोर सोशल ऑडिट और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार
इसके कारण श्रमिक समय पर रोजगार और भुगतान से वंचित रहे, जबकि किसानों को बुवाई और कटाई के समय मजदूरों की भारी कमी का सामना करना पड़ा।
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कैबिनेट में शामिल अन्य प्रस्ताव
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।
- ग्रामीण रोजगार और आजीविका के लिए नई योजना तैयार।
- राज्य में स्थायी बुनियादी ढांचे के लिए वित्तीय प्रावधान।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, और राजग सहयोगी दलों के मंत्री (निषाद पार्टी, सुभासपा, अपना दल (एस)) भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर है। इससे न केवल रोजगार गारंटी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। उनका कहना है कि पारदर्शी और प्रभावी कार्यान्वयन से किसानों और मजदूरों की जीवन-शैली में सुधार आएगा और ग्रामीण भारत का विकास नई गति पकड़ेगा।
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