
प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के खिलाफ शिकायत, प्रशासनिक हलकों में हलचल…
UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के खिलाफ हजरतगंज थाने में एक तहरीर दी गई। शिकायतकर्ता कर्मेश प्रताप सिंह ने शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे थाना हजरतगंज पहुंचकर कथित आपराधिक कृत्य (क्रिमिनल ऑफेंस) से संबंधित शिकायत दर्ज कराई और मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में विधानसभा के प्रमुख सचिव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्रकृति और उनसे जुड़े तथ्यों का आधिकारिक तौर पर अभी खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले का परीक्षण शुरू कर दिया है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
पुलिस कर रही शिकायत की जांच
हजरतगंज थाना पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है और उसके सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया जाएगा और यदि प्रथम दृष्टया कोई आपराधिक मामला बनता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ केवल शिकायत दर्ज होने मात्र से आरोप सिद्ध नहीं हो जाते। जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
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प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज
उत्तर प्रदेश विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रमुख सचिव विधानसभा का पद राज्य की विधायी व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और ऐसे पद पर बैठे अधिकारी के खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत स्वाभाविक रूप से ध्यान आकर्षित करती है।
हालांकि अभी तक न तो शिकायतकर्ता की ओर से विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं और न ही प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
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जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शिकायत के मामले में निष्पक्ष जांच सबसे महत्वपूर्ण होती है। तहरीर में लगाए गए आरोपों की सत्यता, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी।
फिलहाल मामला शुरुआती चरण में है और सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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Disclaimer
यह समाचार उपलब्ध शिकायत संबंधी जानकारी पर आधारित है। तहरीर में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। किसी भी आरोप को तब तक सिद्ध नहीं माना जा सकता जब तक संबंधित जांच एजेंसी द्वारा उसकी पुष्टि न कर दी जाए या सक्षम न्यायालय कोई निर्णय न दे दे।





