
इंसेफेलाइटिस से माफिया तक… गोरखपुर में CM योगी ने बताया कैसे बदली यूपी की तस्वीर
CM Yogi Gorakhour Visit: सीएम योगी ने गोरखपुर में पुराने दौर की स्वास्थ्य व्यवस्था और इंसेफेलाइटिस के हालात को याद किया, बोले- आज यूपी में 85 मेडिकल कॉलेज और 2 एम्स संचालित हो रहे हैं।
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं और इंसेफेलाइटिस के खिलाफ किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में अब इंसेफेलाइटिस की स्थिति पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि “इंसेफेलाइटिस भी माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया है।”
गोरखपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि करीब 7-8 साल पहले बारिश के मौसम में इस बीमारी को लेकर परिवारों में काफी चिंता रहती थी। बच्चों के बीमार होने और इलाज की सीमित सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था में आए बदलावों को रेखांकित किया।
गोरखपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था का किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि एक समय गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद सीमित थी। उनके मुताबिक, उस दौर में स्वास्थ्य सुविधा का प्रमुख केंद्र एक ही संस्थान था, जहां मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलती थीं।
उन्होंने पुराने हालात का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही बेड पर चार-चार मरीजों के भर्ती होने की स्थिति थी। अस्पताल के ऊपरी हिस्से में बिना पंखे, टॉयलेट और अन्य जरूरी सुविधाओं के मरीजों के इलाज की व्यवस्था होने की बात भी उन्होंने कही।
इंसेफेलाइटिस को लेकर पुरानी स्थिति याद की
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस का मौसम आते ही जागरूक माता-पिता अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते थे। उन्होंने कहा कि बीमारी की वजह से बच्चों की मौत का असर पूरे समाज और भविष्य पर पड़ता था।
योगी ने दावा किया कि बीमारी की रोकथाम, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और इलाज के स्तर पर लगातार किए गए प्रयासों से अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस अब यूपी की पुरानी पहचान नहीं रही।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब नौ वर्ष पहले जिस मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद खराब स्थिति में थी, वह आज सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और इंसेफेलाइटिस समेत कई गंभीर बीमारियों के इलाज का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है।
यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में दो एम्स भी संचालित हो रहे हैं।
योगी ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य की दिशा में प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उनके मुताबिक, नए मेडिकल कॉलेज खुलने से लोगों को इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हुई है।
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‘माफिया से भी मिली मुक्ति’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की पुरानी कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश के कई जिलों की पहचान माफिया से जुड़ी हुई थी। गोरखपुर में डॉक्टरों के अपहरण, वसूली, धमकी और मारपीट जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय चिकित्सकों के साथ मिलकर सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था।
योगी ने कहा कि आज प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई है और लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने इंसेफेलाइटिस और माफिया दोनों को यूपी की पुरानी समस्याओं से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश अब Encephalitis भी माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया है। अब यूपी के बाहर कोई जाता है तो पहचान का संकट नहीं होता है। किसी को भय नहीं है।
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‘नए गोरखपुर और नए यूपी’ की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में हुए बदलावों से आज एक नए गोरखपुर और नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लंबे समय तक चलाए गए प्रयासों का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि इसकी रोकथाम और लोगों को सुरक्षित स्वास्थ्य वातावरण उपलब्ध कराना भी रहा है।
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