रिश्ते का खौफनाक अंत… तलाक से इनकार पर पत्नी की हत्या, पति दोषी करार

Hariyana News: हरियाणा के जगाधरी क्षेत्र में पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को दोषी करार दिया है। इस सनसनीखेज मामले में अब सभी की नजर अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर टिकी है, जिसका ऐलान जल्द किया जाएगा।

यह घटना 8 अगस्त 2023 की है, जब अंबाला जिले के गांव खतौली निवासी प्रवीण ने थाना सदर जगाधरी में अपनी बहन की हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी बहन नरेश देवी की शादी वर्ष 2004 में रुल्लाखेड़ी निवासी राजेश के साथ हुई थी।

शादी के बाद से ही चल रहा था विवाद
परिवार के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही राजेश अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। आए दिन घरेलू विवाद और झगड़े होते रहते थे। हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों अलग-अलग किराये के कमरों में रहने लगे थे।
राजेश अंसल टाउन में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था और वहीं आसपास रह रहा था।

तलाक का दबाव और फिर हत्या
जांच में यह बात सामने आई कि राजेश अपनी पत्नी से तलाक लेना चाहता था, लेकिन नरेश देवी इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।
आरोप है कि 8 अगस्त 2023 को गुस्से में आकर राजेश ने अपनी पत्नी की गर्दन काटकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां नरेश देवी का शव कमरे के अंदर पड़ा मिला।

मौके से ही आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी राजेश को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और सभी साक्ष्य एकत्र किए।
जांच के दौरान गवाहों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने मजबूत चार्जशीट अदालत में पेश की।

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अदालत ने माना दोषी
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह साबित किया कि हत्या सुनियोजित और गंभीर अपराध था। सभी साक्ष्यों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अब इस मामले में सजा का ऐलान किया जाना बाकी है, जिसे लेकर परिवार और आम लोगों की नजर अदालत पर टिकी है।

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समाज के लिए चेतावनी
यह घटना घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और कानूनी सहायता बेहद जरूरी होती है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

हरियाणा के इस मामले में अदालत का फैसला एक अहम संदेश देता है कि घरेलू हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में कानून सख्त रुख अपनाता है। अब सभी की नजर सजा के ऐलान पर है, जो पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में अगला बड़ा कदम होगा।

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