RBI की MPC की बैठक समाप्त, ब्याज दरों में कोई संशोधन नहीं

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नई दिल्ली। चार अगस्त को शुरू हुई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज समाप्त हो गई। बता दें हर दो महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होती है।

इस बैठक में अर्थव्यवस्था में सुधार पर चर्चा की जाती है और साथ ही ब्याज दरों का फैसला लिया जाता है। रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई 2020 को नीतिगत दरों में संशोधन किया था। 

बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। यानी ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।

मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट भी 4.25 फीसदी पर स्थिर है। रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है। बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की वास्तविक जीडीपी में 9.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है।

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 21.4 फीसदी होगी, दूसरी तिमाही में 7.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.3 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में देश की वास्तविक जीडीपी 17.2 फीसदी रह सकती है।

मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि, वित्त वर्ष 2021-2022 में सीपीआई 5.7 फीसदी रह सकती है। पिछली बैठक में 5.1 फीसदी का अनुमान लगाया गया था। वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में सीपीआई 5.1 फीसदी रह सकती है। 

दास ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से अब अर्थव्यवस्था उबर रही है। टीकाकरण बढ़ने से इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। 

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